
पिछले दो-तीन दिनों में ही 10 से अधिक चोरियां हो चुकी है, इसलिए पुलिस को चोरों के खिलाफ बड़ी मुहिम चलाने की जरूरत है ,ताकि बिलासपुर के नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें
बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
देश में हर तरफ चोर चोर का शोर मचा है। राजनीतिक परिदृश्य से अलग अगर हम बात बिलासपुर शहर की करें तो साल 2019 में अब तक 27 चोरी की बड़ी घटनाएं बिलासपुर जिले में हो चुकी है। इससे साफ समझा जा सकता है कि बिलासपुर जिला चोरों के शिकंजे में बुरी तरह छटपटा रहा है। अगर ऐसा है तो इसके पीछे बिलासपुर की पुलिसिंग भी कहीं ना कहीं जिम्मेदार है। इस बात को वजन उस वक्त मिला जब चोरी की घटना के पीड़ित की शिकायत लिखने की बजाय तारबाहर पुलिस ने अजीबोगरीब सलाह देकर प्रार्थी को चलता कर दिया। इन दिनों कभी भी, किसी भी वक्त ,चोर ,चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। तारबाहर, इंदिरा कॉलोनी में रहने वाले कमल घोष का परिवार 7 फरवरी की सुबह नींद में था। इसी दौरान उनके घर के ऊपर मौजूद ब्यूटी पार्लर में खटपट की आवाज आई।यह ब्यूटी पार्लर उनकी बेटी संचालित करती है । खटके के बाद परिवार उठा और जाकर देखा तो पता चला कि ब्यूटी पार्लर में चोरी की घटना हो गई है ।चोर ब्यूटी पार्लर में रखें कीमती सामान के साथ कमल घोष की बेटी का एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड अपने साथ ले गए, जिसकी कीमत 15 से 20 हज़ार रुपये बताई जा रही है । चोर की तस्वीर कमल घोष के सामने वाले मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिससे पता चला की एक युवक ने करीब 10 मिनट में ही इस वारदात को अंजाम दिया है सीसीटीवी फुटेज के साथ कमल घोष चोरी की शिकायत दर्ज कराने तारबाहर थाने पहुंचे थे, लेकिन तारबाहर पुलिस ने उन्हें अजीबोगरीब सलाह दे डाली ।उनके यहां चोरी हुई थी लेकिन पुलिस उन पर यह दबाव डालती रही कि वे चोरी की शिकायत ना कर सामनो की गुमशुदगी की शिकायत लिखाये। कमल घोष का सपरिवार इस पर सहमत नहीं हुआ और उसके बाद उन्हें बार-बार घुमाया जाने लगा ।आखिर तंग आकर कमल घोष ने दूरभाष पर पूरे घटनाक्रम की शिकायत आई जी प्रदीप गुप्ता से कर दी। आई जी ने मामले को गंभीरता से लिया और तार बहार थाने के टीआई सुनीता नाग को तत्काल मामले की रिपोर्ट दर्ज करने को कहा, जिसके बाद बुधवार को चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
आप घर को सुना छोड़े या फिर घर में मौजूद रहे। दोनों ही हालात में चोरी की घटना घट सकती है। कमल घोष जिस इलाके में रहते हैं वहां पुलिस गश्त तो नहीं करती लेकिन चौकीदार है। चौकीदार के चक्कर लगाने के बावजूद चोर अपने मकसद में कामयाब हो गए। वहीं जिस तरह पुलिस चोरों को पकड़ने की बजाय इस बात पर जोर देती है कि चोरी के मामलो को छुपाया जाए, तो इससे फिर चोरों के हौसले क्यों ना बढ़े ? जिले में अब तक 27 चोरियों से यह तो साफ है कि यहां चोरों का कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है। पिछले दो-तीन दिनों में ही 10 से अधिक चोरियां हो चुकी है, इसलिए पुलिस को चोरों के खिलाफ बड़ी मुहिम चलाने की जरूरत है ,ताकि बिलासपुर के नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।