
गाड़ियों में आग लगने की घटना आम हो चुकी है लेकिन ऐसी घटनाएं यदि घनी आबादी वाले इलाके में हो तो जान माल का नुकसान लगभग तय माना जाता है

आकाश दत्त मिश्रा
गर्मी के मौसम के आते ही गाड़ियों में आग लगने की घटनाएं लगातार तेजी से सामने आ रही है। ऐसे में मुंगेली पड़ाव चौक स्थित इंजीनियरिंग वेल्डिंग सेंटर में वेल्डिंग कार्य के लिए लाई गई अध्ययन पब्लिक स्कूल की बस में एकाएक आग लग गई ,आग इतनी भीषण थी कि पूरी बस चंद मिनटों में जलकर खाक हो गई । ध्यान देने वाली बात यह है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में वेल्डिंग कार्य मुख्य सड़क पर किया जा रहा था वेल्डिंग कार्य के दौरान सामने के शीशे अचानक चटक गए और सामने के हिस्से को आग ने तेजी से अपने चपेट में ले लिया , गाड़ी के भीतर वायरिंग कार्य कर रहा युवक उसे बुझाने के प्रयास में स्वयं आग की चपेट में आने से बाल बाल बचा। जैसे तैसे युवक बस से निकल पाया, मौके पर मौजूद लोगों ने इसे वेल्डिंग कार्य करने के दौरान की गई लापरवाही का नतीजा माना, वही कुछ लोगो ने ने वायरिंग शार्ट सर्किट को वजह बताई।
सोमवार की शाम तकरीबन 5:00 बजे पड़ाव चौक क्षेत्र में खड़ी स्कूल बस जैसे ही आग की चपेट में आई आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई ।लोग बस के ब्लास्ट होने के डर से इधर उधर भागने लगे। फायर ब्रिगेड को सूचना तो मिली लेकिन मौके पर पहुंचने में थोड़ा समय लगा।
फलस्वरुप बस की आग बुझा तो ली गई लेकिन बस बचाई नहीं जा सकी। सूचना मिलते ही में मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की पूरी जानकारी ली और वेल्डिंग कार्य कर रहे युवक और वायरिंग का कार्य कर रहे कर्मचारियों को पुलिस ने पूछताछ के बाद थाने आने के लिए कहा और आपसी चर्चा में इस घटना को आगजनी की घटना करार दिया । गाड़ियों में आग लगने की घटना आम हो चुकी है लेकिन ऐसी घटनाएं यदि घनी आबादी वाले इलाके में हो तो जान माल का नुकसान लगभग तय माना जाता है इसे खुशकिस्मती ही कहे की इतनी बड़ी घटना बीच शहर में हो गई और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन भविष्य में ऐसी स्थिति निर्मित ना हो इस ओर भी विचार करने की आवश्यकत महसूस होने लगी है।