
सिम्स आगजनी की घटना के बाद लगातार बच्चों की मौत की ही खबरें आ रही थी इसी बीच शुक्रवार को कुछ अच्छी खबरें भी आई

प्रवीर भट्टाचार्य
बिलासपुर-सिम्स में आग लगने के बाद 8 बच्चों को व्यापार विहार स्थित महादेव हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था दुर्भाग्यवश संक्रमण की वजह से इनमें से एक बच्चे की मौत हो गई थी 7 बच्चों का इलाज यहां चल रहा था जिनमें से 4 की छुट्टी शुक्रवार को हो गई। तीन का इलाज अभी भी यहाँ जारी है जिनमें से दो की स्थिति सामान्य है और एक-दो दिनों में उनकी भी छुट्टी संभव है सिर्फ 1 बच्चे के इलाज मैं अभी एहतियात बरतने की जरूरत है लेकिन डॉ मान रहे हैं कि जल्द ही वह बच्चा भी स्वस्थ होकर घर लौट जाएगा बच्चों की मौत के बाद चौतरफा आलोचना झेल रहे महादेव अस्पताल ने शुक्रवार को खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया के साथ जानकारियां साझा की
शुक्रवार को सुलोचना, शिवकुमारी और श्यामा बाई के बच्चों की हालत सुधरने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई ।इस दौरान बच्चों की मौत के पीछे आगजनी की घटना का कितना असर पड़ा के सवाल पर डॉ आशुतोष तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि एन आईसीयू में भर्ती बच्चों में से 30% मौतें स्वाभाविक है ।उनके पास जो बच्चे पहुंचे थे उनमें कार्बन मोनोऑक्साइड प्रभावित होने के लक्ष्ण उन्होंने नहीं पाए लेकिन बच्चों में चूकी अन्य गंभीर समस्याएं थी और सभी बच्चे समय पूर्व प्रसव से जन्मे थे इसलिए उनकी मौतों को सीधे-सीधे आगजनी की घटना से जोड़ने की कोई वजह उनके पास नहीं है लेकिन डॉक्टर तिवारी यह भी मानते हैं कि शिफ्टिंग की वजह से कुछ व्यावहारिक दिक्कत तो आती ही है लेकिन जिन बच्चों की अभी तक शिशु भवन, सिहरे हॉस्पिटल या महादेव हॉस्पिटल में मौत हुई है उनकी मौत के पीछे बच्चों में जन्मजात विकृति आ संक्रमण आदि को दोषी पाया गया है।
अब तक खबरें यही आया करती थी की फला अस्पताल में फला बच्चे की मौत हो गई लेकिन इसी बीच बच्चों के स्वस्थ होकर घर जाने की खबर राहत की खबर लेकर आई।