
आकाश दत्त मिश्रा
पुरानी कहावत है
“दिया तले अंधेरा” इस कहावत को चरितार्थ करने का काम मुंगेली स्वास्थ्य विभाग कर रहा है,, मुंगेली के पदमपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ चिकित्सक और फार्मासिस्ट की लापरवाही अब पदमपुर की जनता के लिए जानलेवा साबित होने लगी है,,, पदमपुर निवासी 53 वर्षीय फागुराम बंजारे को श्वास संबंधी परेशानी थी जिसके प्राथमिक उपचार के लिए उसने पदमपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक से सलाह ली चिकित्सक के अनुसार लिखी गयी दवा salbutamal बैच no 617025 को फागुराम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से प्राप्त कर लिया ,, दवा के सेवन के पूर्व फागूराम ने अपनी बुद्धिमता का प्रयोग कर उस दवा की एक्सपायरी डेट देखी तो उसके होश उड़ गए,, दवा एक्सपायरी डेट क्रॉस कर चुकी थी फागूराम के अनुसार मैनुफेक्चरिंग डेट 01/17 यानी जनवरी 2017 थी और एक्पायरी डेट 12/18 यानी दिसम्बर 2018 थी एक्सपायरी डेट क्रॉस कर चुकी थी ,,सीधे तौर पर 7 महीने पहले एक्सपायरी हो चुकी दवा फागूराम को सेवन करने के लिए थमा दी गयी थी।, इसे मामूली चूक समझकर फागुराम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुचकर इसकी जानकारी दी जिसपर इसे नज़रंदाज़ करते हुए फार्मासिस्ट ने फागूराम को salbutamal की दूसरी शीशी थमा दी लेकिन इस बार हद ही हो गयी क्योकि फार्मासिस्ट ने दूसरी बार फागुराम को एक्सपायरी दवा थमा दी थी,,,
इसकी शिकायत फागूराम ने शुक्रवार 28/06/19 को जिला चिकित्सालय क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ सुदेश रात्रे से की जिसपर इस मामले को हल्के में लेते हुए फागुराम से कहा कि इन दवाओं के एक्सपायरी होने से कोई फर्क नही पड़ता ,, फागूराम की शिकायत करने की बजाय डॉ रात्रे ने सिरप की शीशियों को अपने कब्जे में लेते हुए फागूराम के समक्ष फोन पर पदमपुर के फार्मासिस्ट को हल्की फटकार लगाते हुए निर्देश दिया और कहा कि सभी एक्सपायरी दवाओं को बाहर करो,,, डॉ सुदेश रात्रे द्वारा इतने गम्भीर मामले में बिना किसी कार्यवाही के मामले को चलता कर देना फागूराम को नागवार गुजरा उसने अपने साथ साथ पूरे पदमपुर की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ मानते हुए ककेक्टर से इस मामले में शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है
स्वास्थ्य मंत्री मुंगेली जिले के प्रभारी मंत्री है इसके पहले अजय चन्द्राकर भी थे वे भी स्वास्थ्य मंत्री थे लेकिन मुंगेली के स्वास्थ्य विभाग की सूरत जस के तस है