
डेस्क
ट्रेन में नकली जीआरपी बनकर पहुंचे आरक्षक ने सर्राफा व्यवसायी के कर्मचारी से जबरन 97 किलो से अधिक चांदी हड़प ली । इस मामले में मलियान नगर अय्यप्पापटम, सेलम तमिल नाडु निवासी एम सेंथिल कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसके लिए काम करने वाला उसका रिश्तेदार बी कार्तिक 27 जून को त्रिवेंद्रम कोरबा एक्सप्रेस की बोगी नंबर 1 सीट नंबर 31 में 97 किलो 300 ग्राम चांदी के जेवर लेकर सेलम से चांपा जा रहा था। इसी दौरान 29 जून को रात करीब 2:00 बजे अकलतरा स्टेशन से पहले कार्तिक के पास दो व्यक्ति पहुंचे । इसमें से एक ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी उन्होंने खुद को जीआरपी बताया और चोरी का माल होने का हवाला देकर कार्तिक को चांदी के साथ ट्रेन से नीचे उतार लिया। इसके बाद उन्होंने कहा की माल के साथ जीआरपी थाना चलना पड़ेगा। कार्तिक को लेकर दोनों युवक स्टेशन के बाहर आए और अपनी कार में बिठाकर उसे पहले तो अकलतरा में इधर उधर घुमाया और बाद में बिलासपुर हाईवे में छोड़कर चांदी सहित फरार हो गए। इसके बाद कार्तिक को लूटे जाने का एहसास हुआ और उन्होंने सेंथिल कुमार को इसकी सूचना दी। जिसके आधार पर 1 जुलाई को जीआरपी में मामला दर्ज किया क्या। चूँकि आरोपियों ने लूट के लिए जीआरपी के नाम का इस्तेमाल किया था इसलिए जीआरपी के लिए यह नाक की लड़ाई थी। जीआरपी ने विवेचना के दौरान अकलतरा क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उन्हें एक सफेद रंग की आई 20 कार रेलवे स्टेशन अकलतरा से हाईवे की तरफ जाती दिखाई दी। साथ ही उन्होंने रात में चांपा स्टेशन पर कार्तिक के साथ दिखने वाले लोगों के संबंध में भी पूछताछ की गयी तो उन्हें कन्हैया नाम के व्यक्ति ने बताया कि उसके भाई परमानंद सोनी को इस घटना की जानकारी थी और उसने उसे उस रात जगाने के लिए कहा था। सूचना मिलते ही जीआरपी ने परमानंद सोनी को धर दबोचा और उससे सारी जानकारियां उगलवायी। परमानंद ने ने पूरी कहानी कह सुनाई। उन्होंने बताया कि कार्तिक के चांदी लेकर आने की सूचना उन्हें मिली थी। जिसके बाद रक्षित केंद्र कोरबा में आरक्षक राजा जगत को उन्होंने जानकारी दी। उन्होंने मिलकर चोरी की योजना बनयी। जिसमें उसने अपने साथी और ड्राइवर विजय यादव को भी शामिल कर लिया। उसने भी अपने चचेरे भाई राम अवतार उर्फ रामू को भी इस योजना में शामिल किया और तय योजना के तहत परमानंद सोनी 28 और 29 जून की रात ट्रेन में पहुंचे । गिरोह दो हिस्सों में बट गया। आरक्षक राजा जगत और परमानन्द जहां ट्रेन में मौजूद थे तो वही दो लोग कार से बाई रोड पीछा करते रहे। रेलवे स्टेशन अकलतरा के पास राजा जगत और परमानंद सोनी ने कार्तिक के पास पहुंचकर उसे धमकाया कि वह चोरी की चांदी के जेवर लेकर जा रहा है और उन्होंने खुद को जीआरपी बताया। इसके बाद अपनी कार मैं बिठाकर वे उसे इधर उधर भटकते रहे और छोड़कर भाग खड़े हुए । इधर परमानंद सोनी ने अपने परिचित पाली निवासी मायाराम के घर यह कहकर लूटे गए चांदी के जेवरात को छोड़ दिया कि वह सामान उसके मालिक का है और वह खुद शादी के कार्यक्रम में जा रहा है। इसलिए कुछ दिनों बाद आकर वह चांदी के जेवर लेकर जाएगा। यह जानकारी मिलने के बाद जीआरपी ने एक-एक कर सारे आरोपियों को धर दबोचा। मामले में मूलमुला जांजगीर चांपा निवासी परमानंद सोनी ,पाली कोरबा निवासी आरक्षक राजा जगत कोरबा के रहने वाले विजय मरावी और राम अवतार जगत भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। इस मामले में एक आरक्षक के शामिल होने की सूचना पर जीआरपी भी चौंक उठी थी। खैर जीआरपी की सतर्कता से 97 किलो 300 ग्राम चांदी के जेवरात बरामद कर लिए गए हैं, जिसकी अनुमानित कीमत 36 लाख 86 हजार रुपए बताई जा रही है। इतने बड़े पैमाने पर चोरी को अंजाम देने के बाद चारों ने सोचा था कि उनकी चांदी हो जाएगी लेकिन ऐसा हो नहीं पाया और सभी सलाखों के पीछे पहुंचा दिए गए हैं।