
अगर हालात ऐसे ही रहे तो जल्द ही बेलपान माघी मेला इतिहास में गुम होकर रह जाएगा
सत्याग्रह
माघी पूर्णिमा के अवसर पर हर साल की तरह इस बार भी तखतपुर के बेलपान में माघी मेले का आयोजन किया गया। लेकिन बेलपान का कुंड पूरी तरह से सूख जाने से मेले में पहुंचे श्रद्धालु स्नान का लाभ नहीं ले पाए जिससे सभी श्रद्धालु आहत हैं। मान्यता है कि बेलपान के पवित्र कुंड में स्नान करने से गौ हत्या जैसे महापाप भी धुल जाते हैं लेकिन इस बार कम वर्षा और आसपास अवैध खनन की वजह से बेलपान कुंड का पानी पूरी तरह से सूख चुका
है परंपरा का निर्वहन करते हुए भक्त यहां पहुंच तो रहे हैं लेकिन कुंड में पानी ना देखकर उन्हें निराशा हो रही है यहां मांग के बाद भी विकास संभव नहीं हो पा रहा है निजी भूमि होने के कारण शासन की ओर से भी मंदिर और कुंड का जीर्णोद्धार नहीं कराया जा रहा है अगर हालात ऐसे ही रहे तो जल्द ही बेलपान माघी मेला इतिहास में गुम होकर रह जाएगा