
उदय सिंह
जांजगीर चाम्पा- के एस के महानदी के 20 बर्खास्त भूविस्थापित कर्मियो के परिवार को कोराना महामारी के कारण आर्थिक तंगी हो रही है के एस के महानदी पावर कंपनी लिमिटेड नरियरा के द्वारा जिन 20 भूविस्थापित परिवार को सितम्बर 2019 से निलम्बित किया गया था उन मजदूरो को 18 फ़रवरी 2020 से अवैधानिक तरीके से बर्खास्त कर दिया गया है जिसके बाद से उनके जीवन यापन के लिए मिल रहे आधे माह का वेतन भी ठीक मार्च से ही बंद कर दिया गया है इसके बाद उनके परिवार के सामने आर्थिक और मानसिक संकट पैदा हो गयी है पूरा देश जहा कोरोना संक्रमण से जूझ रहा उसका सबसे ज़्यादा खामियाजा इन 20 परिवारो को उठाना पड़ रहा है क्योकि इनकी खेती की ज़मीन भी कम दामो पर कंपनी ने खरीद लिया और उसके बाद नौकरी से भी निकाल दिया गया इनके द्वावा लगातार प्रशासन का चक्कर काटा गया है
आंदोलन भी किए है जेल भी गये है फिर दोबारा अनिश्चितकालीन धरना 87 दिन से कर रहे थे उसको 19 मार्च 2020 को प्रशासन के निर्देश के बाद स्थगित करना पड़ा, लिहाज़ा एच एम एस यूनियन ने माँग की है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार का साफ निर्देश है की कोई भी परिवार चाहे कही भी का हो भूखे नही रहने देना है यहाँ तक कि उन दिहाड़ी मजदूरो के बारे मे सोचा जा रहा है जो सराहनीय कदम है किंतु इन 20 परिवारो के बारे मे प्रशासन को कोई चिंता नही है संघ ने मीडिया के माध्यम से मांग की है कि जिन लोगो को झूठा आरोप लगाकर इतने दिन तक निलम्बित रखने के बाद अचानक अब बर्खास्त कर दिया गया है उनके परिवार को किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो उस स्थिति का ज़िम्मेदार के एस के प्रबन्धन के अलावा जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग भी होगा अन्यथा इन सभी मजदूरो के उपर लगाए गये आरोप की जनप्रतिनिधियो एवं प्रशासन तथा यूनियन पदाधिकारियो की उपस्थिति मे बैठक कराकर त्वरित निराकरण किया जाए।