
हरिशंकर पांडेय
बिलासपुर – बरसात का मौसम शुरू होते ही सब्जियों के दाम आसमान छूने लग गए जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ गया है। रोजी मजदूरी करने वाले परिवार के लिए सब्जी व राशन खरीदना बड़ी चुनौती हो गई है ऐसे में अब वे एक वक्त ही सब्जी बनाकर काम चला रहे है। तो दूसरी तरफ कुछ राशन सामानों के दाम भी अचानक से बढ़ गए जिससे लोगो की रसोई पर भी असर पड़ गया। महंगाई की दोहरी मार झेल रहे लोगो को अब सोच समझकर खर्च करने पड़ रहे है क्योंकि परिवार चलाने के लिए राशन व सब्जी की पहली व्यवस्था करना जरूरी है। और यही जरूरी सामानों के दाम आसमान छू रहे है।

रविवार को बाजार में बरबट्टी 80,भिंडी 40, बैगन 40, मूली 40, मिर्च 200, धनिया 200, कटहल 30, करेला 100, चुटचुटीया 80, लौकी 20, कद्दू 30, टमाटर 100, दोड़का 40, लालभजी 40, मुनगा 60 रुपये किलो के साथ ही सस्ते में मिलने वाली सभी भाजी की कीमत 30 रुपए से कम नही है। मल्हार के सब्जी विक्रेता दुर्गेश कैवर्त का कहना है कि स्थानीय स्तर पर सब्जी का उत्पादन नही हो रहा है सभी सब्जियां बाहर से आ रहा है इसलिए दाम अधिक है। अनिल पांडेय का कहना है कि जब तक लोकल सब्जी नही आ जाएगा तब तक भाव अधिक ही रहेंगे। फिलहाल मल्हार व आसपास के गाँव के किसान सब्जी फसल लगा रहे है जो महीने भर बाद बाजार में आएगा। तब तक महंगाई से सामना करना पड़ेगा। किराना व्यवसायी सुखनंदन श्रीवास ने बताया कि कुछ दिनों से अरहर दाल में तेजी आई है जिससे इसके दाम 150 रुपये तक चढ़ गए वही जीरा 700 रुपये किलो हो गए।

तो वही रोज उपयोग होने वाले साबुन के दाम भी पिछले कुछ महीनों से बढ़ गए है। हालांकि तेल के साथ आलू प्याज के भाव स्थिर है जिससे लोगो को थोड़ी राहत है। वही कुछ दुकानदारों का मानना है कि बाजार में उतार चढ़ाव लगा रहता है मगर इसका सीधा असर आम लोगो पर पड़ता है। पहले ज्यादा मात्रा में लेने वाले ग्राहक अब कम ही सामान लेकर काम चला रहे है। सब्जी लेने बाजार आए कुछ लोगो का कहना है कि पहले सौ रुपये की सब्जी से झोला भर जाता था पर अब इतनी महंगाई है कि पांच सौ रुपये में भी नही भरने वाला है।