
रेलवे की परीक्षा के दौरान छात्रों के बैग से एक आरपीएफ ने 5 मोबाइल पर कर दिए। सीसीटीवी फुटेज से चोरी का खुलासा हुआ जिसके बाद आर पी एफ के सेटेलमेंट डिपार्टमेंट में पदस्थ आरक्षक को सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है
सत्याग्रह डेस्क
खाकी वर्दी पर कानून की रखवाली की जिम्मेदारी है इसलिए आम लोगों की उम्मीद भी वर्दी को लेकर होती ही है साथ ही वर्दी भरोसे का भी प्रतिक प है लेकिनबीखाकी वर्दी वाला हर कोई रक्षक नहीं होता । ऐसे ही एक वर्दीधारी ने अपने वर्दी के साथ पूरे विभाग को शर्मसार किया है। रेलवे में आरपीएफ आरक्षक मोबाइल चोरी के आरोप में धरा गया है। पिछले दिनों उसलापुर में रेलवे जूनियर इंजीनियर की परीक्षा आयोजित की गई थी। जिसमें चौकसे इंजीनियरिंग कॉलेज के भी कई छात्र शामिल हुए थे। सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर उनके बैग परीक्षा कक्ष के बाहर ही रखवा लिए गए थे। इनमें मोपका निवासी कमलेश कुमार और खमरिया निवासी जुमेश्वर साहू के अलावा और भी कई छात्र-छात्राएं शामिल थे। जब परीक्षा के बाद वे बाहर निकले और अपने बैग की जांच की तो उन्होंने पाया कि बैग में रखे मोबाइल गायब है।
कमलेश कुमार का करीब 12000 रुपये कीमती J7 नेक्स्ट और जुभेश्वर का एम आई नोट 5 प्रो 15000 मूल्य का गायब था। इसके अलावा 3 छात्र-छात्राओं के मोबाइल भी गायब पाए गए। मोबाइल चोरी होने की खबर से यहां अफरा-तफरी मच गई ,क्योंकि परीक्षा हॉल के बाहर सुरक्षा के लिए आरपीएफ के जवान तैनात थे तुरंत सीसीटीवी के फुटेज खंगाले गए तो पता चला कि यह चोरी किसी और ने नहीं बल्कि सुरक्षा के लिए तैनात आरपीएफ के आरक्षक रंजन कुमार ने ही की थी। इसके बाद छात्रों ने मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई। सिविल लाइन पुलिस ने भी सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो उन्हें भी मूलतः झारखंड हजारीबाग निवासी रेलवे के सेटेलमेंट डिपार्टमेंट आरपीएफ में आरक्षक रंजन कुमार बैग से मोबाइल निकालते दिखा । अच्छी नौकरी होने के बावजूद पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड रखने वाला आरक्षक मोबाइल चोरी करने से खुद को नहीं रोक पाया। जिस वजह से उसे अब जेल की हवा खानी पड़ रही है।
हैरानी इस बात की है कि रेलवे की परीक्षा में सुरक्षा की जिम्मेदारी आरपीएफ के जवानों को सौंपी गई थी। वहीं सुरक्षा कर्मी सुरक्षा में सेंध लगाकर छात्रों के सामानों की चोरी करते पाए गए। इससे जहां आरपीएफ की साख पर बट्टा लगा है, वहीं वर्दी पर भी दाग लग गया है। सिविल लाइन पुलिस मामला दर्ज करने के बाद मान रही है कि यह डिपार्टमेंटल मामला भी है इसलिए ईसकी जानकारी आर पी एफ को भी भेज रही है ,ताकि आरपीएफ रंजन कुमार पर विभागीय जांच करें और उसे उसके किए की सजा दे। फिलहाल चोरी के आरोप में आरक्षक रंजन कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।