आकाश दत्त मिश्रा

तेज गर्मी के बीच गुरुवार दोपहर अचानक कोटा जनपद पंचायत के सामने स्थित धान संग्रहण केंद्र में आग लग गई । इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, आग ने विकराल रूप ले लिया और आग फैलते फैलते धान से भरे बारदानों तक पहुंच गया। इस आग में कई क्विंटल धान जलकर खाक हो गए ।यहां धान साल 2013- 14 में खरीदा गया था, जिसे लापरवाही पूर्वक खुले आसमान के नीचे रखा गया है। विपणन संघ के इस संग्रहण केंद्र में लगभग 4 से 5 साल पुराना धान रखा हुआ है लेकिन इसकी सुरक्षा को लेकर किसी तरह की एहतियात नहीं बरती गई। धान की रखवाली के लिए नाम भर को दो चौकीदार तो है लेकिन कभी कोई जिम्मेदार अधिकारी यहां फटकता तक नहीं है। यही वजह है कि यहां की व्यवस्थाओं को लेकर कोई तैयारी नहीं थी।

आग बुझाने की भी व्यवस्था यहां नहीं पाई गई । गुरुवार दोपहर जब धान मंडी में आग लगी तो आसपास के लोगों ने और कुछ मीडिया कर्मियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग धीरे-धीरे भड़कती चली गई । जिसके बाद यहां आग पर काबू पाने, चार दमकल बुलाए गए। दमकल कर्मियों ने पहुंचकर अपनी कोशिशों से आग पर हालाकी काबू पा लिया लेकिन तब तक यहां बड़ा नुकसान हो चुका था।

यहां आस-पास ही रिहायशी इलाका भी है और कई स्कूल भी मौजूद है। इसलिए अगर आग फैलती तो फिर जान माल की हानि भी मुमकिन थी। आग लगने की खबर सुनकर अधिकारी भी भागे भागे पहुंचे जो फिलहाल आगजनी से हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं। आखिर आखिर 5 से 6 साल पुराना धान इस संग्रहण केंद्र में क्यों रखा हुआ है और धान की सुरक्षा को लेकर कोई व्यवस्था क्यों नहीं की गयी है ,इस पर अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते नजर आए । बिलासपुर डीएमओ शोभना तिवारी, कोटा के एसडीएम आशुतोष चतुर्वेदी और धान मंडी कोटा के सुपरवाइजर सोनू सिंह समेत अधिकारी आग लगने की वजहों की भी पड़ताल कर रहे हैं ।आग पर समय रहते काबू पा लिया गया नहीं तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
