
रतनपुर के कई वार्डों में पानी के लिए मारामारी की स्थिति है। करीब 1 महीने से जल संकट से त्रस्त महिलाओं ने गुरुवार को नगरपालिका का घेराव कर दिया

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
एक तरफ बिलासपुर की प्यास बुझाने रतनपुर से पानी लाने की योजना बनाई जा रही है और दूसरी और खुद रतनपुर के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। यहां स्थिति दिया तले अंधेरा वाली हो चुकी है। हर साल गर्मी के मौसम में रतनपुर में पेयजल संकट गहराने लगता है। इस बार भी रतनपुर के वार्ड नंबर 5 के लगभग सभी तालाब सूख चुके हैं। यह टेप नल से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन पानी का प्रेशर बेहद कम होने से घरों तक पानी पहुंच नहीं पा रहा है। कुछ स्थानों पर नगर पालिका रतनपुर के टैंकर पानी की सप्लाई जरूर कर रहे हैं लेकिन इस भीषण गर्मी में लोगों की जरूरत इससे पूरी नहीं हो रही है। जिसे लेकर जन आक्रोश बढ़ता जा रहा है । इस तेज गर्मी और लू के मौसम में भी महिलाओं को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने दिनभर व्यवस्था करनी पड़ रही है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए गुरुवार को महिलाओं ने नगर पालिका का घेराव कर दिया।
महिलाओं की समस्या सुनने के बाद नगर पालिका अधिकारी ने हालांकि 3 दिनों के भीतर समस्या खत्म करने का दावा जरूर किया है, लेकिन साल दर साल भूगर्भ जल के नीचे चले जाने से पेयजल की किल्लत हो रही है। जिसके आगे अधिकारी भी बेबस है। पिछले कुछ सालों से गर्मी आते ही वार्ड नंबर 5 में लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। टेप नल से यहां पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन फिलहाल पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही। जिनके घर बोरिंग या कुआं है उनके यहां से लोग किसी तरह पानी की व्यवस्था कर रहे हैं ।लेकिन इससे रानी पारा के लोगों की प्यास नहीं बुझ पा रही। जब महिलाओं ने नगरपालिका का घेराव किया तो सीएमओ से चर्चा के बाद 3 दिनों के भीतर नया मोटर पंप लगाने और पर्याप्त जल आपूर्ति कराने की बात कही गई।

पिछले कुछ सालों से लगातार रतनपुर में जल संकट देखा जा रहा है। टैंकरों से आम लोगों की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही। इसे लेकर रोष बढ़ता जा रहा है ।नल के पास सुबह से ही लोगों की लंबी कतार देखी जा सकती है । नगर पालिका के कर्मचारी पिछले 1 महीने से पेयजल आपूर्ति में सुधार करने की बात कह रहे हैं, लेकिन रानी पारा में किल्लत बढ़ती जा रही है । लोगों को इस भीषण गर्मी में बड़ी मुश्किल से दो बाल्टी पानी उपलब्ध हो पा रहा है। जिससे उनकी जरूरत पूरी नहीं हो पा रही। पीने के पानी तक की व्यवस्था ना होने से लोगों में गहरा गुस्सा है।
कभी रतनपुर तालाबों की नगरी हुआ करती थी। रतनपुर के पास ही खुटाघाट जैसा विशाल जलाशय है। इसके बावजूद रतनपुर में पानी की दिक्कत आने वाले भविष्य के लिए संकट का संदेश दे रहा है।