
रमेश राजपूत
बिलासपुर – धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने समितियों को प्रासंगिक व्यय और कमीशन का भुगतान किए जाने की घोषणा की है। जारी जानकारी के अनुसार, धान खरीदी कराने वाली समितियों को प्रति क्विंटल 22.05 रुपये प्रासंगिक व्यय के रूप में दिए जाएंगे। इस राशि में श्रमिकों द्वारा किए जाने वाले कार्य जैसे बोरों में भराई, धान का तौल, बोरों की सिलाई, छपाई, लोडिंग और भरे हुए बोरों की स्टेकिंग जैसे सभी कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त धान की सुरक्षा और भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए समितियों को 5 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार यह प्रावधान खरीदी केंद्रों पर बेहतर प्रबंधन व सुचारू संचालन में मददगार सिद्ध होगा। समितियों को कमीशन के रूप में भी भुगतान किया जाएगा, जो मार्कफेड को परिदान की गई धान की कुल मात्रा के आधार पर निर्धारित होगा। यह कमीशन भारत सरकार द्वारा तय दर के अनुसार धान खरीदी के अंतिम लेखा मिलान के बाद जारी किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था से न केवल समितियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि किसानों को समय पर और व्यवस्थित तरीके से धान खरीदी की सुविधा भी उपलब्ध होगी।