
डस्टबीन नहीं रखने और कचरा फैलाने की बात सामने आई तो जुर्माने के साथ कड़ी कार्रवाई की जाएगी

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
शहर में स्वच्छता बनाए रखने के साथ कचरा के लिए डस्टबीन के उपयोग को लेकर निगम प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार की शाम अभियान चलाकर शहर के चारों जोन के छोटे बड़े होटलों में निगम की टीम ने दस्तक दी। इस दौरान कई होटल व संस्थानों पर नाली में कचरा फेकने और कचरा फैलाने पर जुर्माना किया गया। इसी तरह सभी होटल व्यवसायियों व मैनेजरों को डस्टबीन रखने और स्वच्छता बनाए रखने की समझाइश दी गई।
निगम कमिश्नर प्रभाकर पाण्डेय के निर्देशन में शहर में स्वच्छता बनाए रखने और होटल सहित संस्थानों में डस्टबीन रखने के लिए लगातार निगम अमले द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है।

निगम के चारों जोन में निरीक्षण के लिए निगम प्रशासन द्वारा राजस्व, स्वच्छता व अतिक्रमण शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों विशेष टीम बनाई गई है, जो सुबह और शाम दोनों समय अलग रूट पर निरीक्षण कर व्यवसायियों को कचरा नहीं फैलाने और डस्टबीन रखने समझाइश दे रहे हैं। शनिवार को सुबह और शाम के समय शहर के मुख्य मार्गों पर स्थित होटलों के लिए अभियान चलाया गया। होटल संचालकों को डस्टबीन रखने और नाली में होटल का कचरा नहीं फेंकने और निगम के वाहनों को कचरा देने की समझाइश दी गई। इतना ही नहीं कई होटल और संस्थानों के आसपास नाले और सड़क पर कचरा फेंकने पर जुर्माना भी किया गया। अभियान के दौरान नूतन चैक से सरकंडा मुख्य मार्ग अपोलो चौक तक, मुंगेली नाका से मंगला चौक तक, प्रताप चौक से होते हुए गांधी चौक, तेली पारा, बस स्टैंड, सिविल लाइन से अग्रसेन चौक होते हुए बस स्टैंड व महाराणा प्रताप चौक से मंदिर चौक तक निगम की टीम ने होटलों व संस्थानों में स्वच्छता की जांच की। इस दौरान महामाया होटल, मनोज स्वीट्स, राजस्थान जलेबी, पंजाबी स्वाद, प्रकाश इलेक्ट्रानिक व गुजराती होटल सहित
जनरल स्टोर, जुता दुकान, आटो पार्ट्स, डेली निड्स व ठेला व खोमचे संचालकों पर 6251 रुपए जुर्माना की कार्रवाई की गई। अधिकांश होटल संचालकों को स्वच्छता रखने और डस्टबीन में कचरा रखने की समझाइश दी गई।

समझाइश के बाद जुर्माना
शहर के बड़े होटल संचालकों द्वारा नाली में कचरा व गंदगी फेंकने की शिकायत रहती है। इसी तरह चाय नाश्ता वाले होटलों में सड़क पर दोना पत्तल, पानी और डिस्पोजल फैलाने की बात भी सामने आई। ऐसे होटल संचालकों को शुरू दिन समझाइश या फिर 500 रुपए जुर्माना किया गया। इसके बाद भी डस्टबीन नहीं रखने और कचरा फैलाने की बात सामने आई तो जुर्माने के साथ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।