
प्रक्षेत्र में पशु चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रों, कम्पाउंडर और किसानों को कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। कलेक्टर ने प्रक्षेत्र का भ्रमण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये
ठा. उदय सिंह
कलेक्टर डाॅ. संजय अलंग ने विकासखंड गौरेला के ग्राम पकरिया स्थित पशु प्रजनन प्रक्षेत्र पकरिया का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रक्षेत्र में रखे गये पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि के लिए चारे की पौष्टिकता बढ़ाने के निर्देश दिये।
कलेक्टर ने प्रक्षेत्र का अवलोकन किया और वहां की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली। संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा ने बताया कि अंग्रेज शासन काल में वर्ष 1829 में निर्मित पशु प्रजनन प्रक्षेत्र ढाई हजार एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। जिसमें 112 एकड़ में चारागाह, पशुओं के लिए शेड आदि इंफ्राॅस्ट्रचर निर्मित है। इस प्रक्षेत्र में वर्तमान में 208 साहीवाल नस्ल की गायें और 400 बकरे व बकरियां रखी गई हैं। गांयों से प्रतिदिन 150 लीटर दूध का उत्पादन होता है। जिनकी खपत पेंड्रा-गौरेला क्षेत्र में होती है। पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में विभागीय योजना के तहत हितग्राहियों को बकरा वितरण के लिए प्रक्षेत्र से आपूर्ति की जाती है।
उल्लेखनीय है कि अंग्रेज काल में इस प्रक्षेत्र का उपयोग घोड़ों के उपचार के लिए किया जाता था। बाद में यह पशु प्रजनन प्रक्षेत्र के रूप में विकसित किया गया। प्रक्षेत्र के भीतर मनरेगा के तहत् स्टाप डेम का निर्माण भी किया गया है जहां पषुओं और चारागाह के लिए पानी उपलब्ध रहता है। वन विभाग से अनुबंध कर चारागाह का विकास किया गया। प्रक्षेत्र में बने बुल शेड में बछड़ा पालन किया जाता है और राज्य के अन्य जिलों में उन्नत नस्ल के पशु प्राप्त करने के लिए इन बछड़ों को भेजा जाता है। प्रक्षेत्र में पशु चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रों, कम्पाउंडर और किसानों को कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। कलेक्टर ने प्रक्षेत्र का भ्रमण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये।