
अनुभव पाठक के मंत्रोच्चारण के साथ पूरे विधि विधान से परिणय सूत्र में बंधेगे,जिसकी तैयारी महामाया मंदिर ट्रस्ट के द्वारा की जा रही है

आकाश दत्त मिश्रा
सिद्ध शक्तिपीठ श्री महामाया मंदिर ट्रस्ट रतनपुर के द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है । जिसमें छत्तीसगढ़ जिले सहित अन्य राज्यों के लगभग 182 जोड़े भाग लेंगे।
ट्रस्ट के द्वारा 200 जोड़ों के सामूहिक विवाह का लक्ष्य रखा है जिसकी तैयारी मंदिर ट्रस्ट ने कर रखी है।
सामूहिक विवाह का आयोजन महामाया मंदिर ट्रस्ट रतनपुर के द्वारा पिछले 20 वर्षों से किया जा रहा है जहां पर गरीब निर्धन कन्या का विवाह हो रहा है जो माता-पिता आर्थिक स्थिति खराब होने पर अपनी बेटी या बेटा का विवाह नहीं कर सकते हैं वे लोग शामिल होकर इसका लाभ ले रहे हैं । इस वर्ष 07 मई 2019 को अक्षय तृतीया पड़ रहा है । जिसमें लगभग 200 नवदंम्पत्ति जोड़े मां महामाया देवी का पूजा अर्चना कर अपने खुशहाल जीवन की कामना करते हुए माता का आशीर्वाद लेकर सफल दांपत्य जीवन की शुरुआत करेंगे। 07 मई को होने वाले मंदिर परिसर के विशाल मंडप में सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए वर वधु के द्वारा जो जरूरी दस्तावेज जमा किये गए थे । उसकी जांच महिला बाल विकास विभाग के अधिकारीयो के द्वारा जांच पश्चात ही वर-वधू शामिल हो सकते हैं ।

इस विवाह कार्यक्रम में शामिल नव दम्पत्तियों को ट्रस्ट द्वारा बर्तन, जेवर ,कपड़ा, सुहाग का सामान सहित पूजा पाठ की सामग्री व मंडप के नीचे का समस्त सामान ट्रस्ट के द्वारा निःशुल्क रूप से उपलब्ध कराई जाएगी । मंदिर परिसर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में वर वधु वैदिक रीति रिवाज से पंडित आचार्य संतोष शर्मा और उपाचार्य अनुभव पाठक के मंत्रोच्चारण के साथ पूरे विधि विधान से परिणय सूत्र में बंधेगे,जिसकी तैयारी महामाया मंदिर ट्रस्ट के द्वारा की जा रही है ।