
सवर्णों को मिलने वाले 10% आरक्षण के प्रदेश में भी लागू हो जाने से अब यहां के अत्यंत गरीब सवर्णों को नौकरी और शिक्षा में राहत मिलेगी

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
आखिरकार छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को सवर्णों को दिए जाने वाले 10% आरक्षण के लिए राजी होना पड़ा। केंद्र की मोदी सरकार ने 19 जनवरी को ऐतिहासिक फैसला लेते हुए देश के गरीब और निर्धन सवर्णों के लिए नौकरी और पढ़ाई में 10% आरक्षण की व्यवस्था की थी ।जिसका कांग्रेस ने विरोध किया था। यही वजह थी कि केंद्र द्वारा इस नियम को पारित करा लिये जाने के बाद भी कांग्रेस शासित राज्यों में इसके क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा करते हुए इस पर अघोषित रोक लगा दी गई थी। कई मर्तबा चुनाव की आड़ लेकर भी सरकार इससे बचती रही, लेकिन अब भीतर ही भीतर विरोध के सुलगने से सरकार को घुटने टेकने पड़े और छत्तीसगढ़ में भी गरीब सवर्णों के लिए 10% आरक्षण को लागू कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस विषय में परिपत्र जारी किया गया है।

कलेक्टर ,कमिश्नर और जिला पंचायत सीईओ को जारी परिपत्र में सरकार द्वारा निर्देशित किया गया है कि इसके लिए प्रमाण पत्र बनाने हेतु सक्षम अधिकारी नियुक्त किया जाए। राज्य सरकार की तरफ से राजस्व अधिकारी और तहसीलदार को प्रमाण पत्र हेतु सक्षम पदाधिकारी , जो आय व संपत्ति के आधार पर प्रमाण पत्र जारी करेंगे। सवर्णों को मिलने वाले 10% आरक्षण के प्रदेश में भी लागू हो जाने से अब यहां के अत्यंत गरीब सवर्णों को नौकरी और शिक्षा में राहत मिलेगी।