
बिलासपुर शहर का एक ऐसा भी एटीपी मशीन है जहां अब तक सिर्फ तीन लोगों ने ही अपना बिजली बिल जमा किया है

बिलासपुर प्रवीण भट्टाचार्य
बिलासपुर-बिजली बिल जमा करने के लिए उपभोक्ताओं को लंबी कतार ना लगानी पड़े इसके लिए शहर में चुनिंदा स्थानों पर एटीपी मशीन लगाई गई है एटीपी यानी एनी टाइम पेमेंट लेकिन कुछ स्थानों पर यह मशीन अपना नाम तक सार्थक नहीं कर रही है। हाल ही में सीएमडी कॉलेज के पास पुराने आरटीओ ऑफिस के करीब नया एटीपी मशीन लगाया गया है एक तो इसका प्रचार-प्रसार नहीं किया गया ऊपर से अक्सर इसके बंद रहने के चलते यहां कोई झांकने तक नहीं आता यहां तक पहुंचना भी आसान नहीं है रास्ता पथरीली और उबड़ खाबड़ है मशीन लगाने के साथ इसका जरा भी प्रचार नहीं किया गया इसलिए किसी को इसकी जानकारी तक नहीं है इसको लगे 10 दिन से अधिक वक्त हो चुका हैं और हैरानी इस बात की है अब तक यहां दो या तीन लोगों ने ही अपना बिजली बिल जमा किया है यह तस्वीर साफ बता रही है कि किस तरह कार्य दिवस पर भी नियत समय पर यहां गेट पर ताला लगा रहता है यही वजह है कि यह मशीन सफेद हाथी साबित हो रही है अभी तक इसका लिंक भी सेटेलाइट से नहीं जुड़ पाया है इसलिए यहां ऑफलाइन काम हो रहा है कुल मिलाकर सिर्फ दिखाने के लिए इस मशीन को लगा दिया गया है ऐसा लग रहा है हालांकि अधिकारी अपने बचाव में दलील देने से पीछे नहीं है।
बिजली बिल संग्रहण केंद्रों में लंबी कतारें लगी हुई है अन्य atp मशीनों के पास भी बिजली बिल जमा करने वाले दिनों में लंबी लंबी कतारें दिखती है लेकिन शहर के हृदय स्थल पर होने के बाद भी अव्यवस्थाओं के चलते यह सुविधा जाया हो रही है जिस पर बिजली विभाग को ध्यान देने की जरूरत है ।
बिलासपुर शहर का एक ही एटीपी मशीन ऐसा भी है जहां अब तक सिर्फ तीन लोगों ने ही अपना बिजली बिल जमा किया है इस सफेद हाथी के दांत खाने के कुछ और है दिखाने के कुछ और। कुल मिलाकर सरकारी पैसों की यहां बर्बादी हो रही है