
डेस्क

हर दिन की तरह मंगलवार को भी ग्राम कर्रा में रहने वाली ललिता बाई सुबह 5:00 बजे उठकर घर की साफ सफाई में जुटी हुई थी।
बरसात का मौसम होने की वजह से घर में मौजूद सीढ़ी में बिजली दौड़ रही थी जिसकी चपेट में ललिता बाई आ गई। उसकी चीख सुनकर उसके तीनों बच्चे भागे भागे पहुंचे लेकिन मां की ममता देखिए कि ललिता ने अपने बच्चों को दूर रहने का इशारा किया और खुद बिजली की चपेट में तड़पती रही। शोर सुनकर ललिता बाई का पति राजू यादव भी मौके पर पहुंच गया उसने किसी तरह एक बोरे की मदद से महिला के हाथ को सीढ़ी से अलग किया लेकिन सीढ़ी के संपर्क में महिला का पैर भी था इसलिए वह करंट की चपेट में से बाहर नहीं आ पायी। घबराया पति भागा भागा बाहर गया और बाहर लगे ट्रांसफार्मर के डीओ को गिरा दिया। वहीं ग्रामीणों ने भी डीओ गिराने में उसकी मदद की लेकिन तब तक काफी वक्त भी चुका था और इस बीच ललिता बाई बेहोश हो चुकी थी। 108 एंबुलेंस की मदद से आनन-फानन में उसे रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां महिला की जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। सुबह-सुबह दुखद घटना में तीनों बच्चे अपने मां से महरूम हो गए जिसके बाद ललिता बाई के बच्चों और पति का रो रो कर बुरा हाल है। बरसात के इस मौसम में नमी की वजह से दीवारों और खिड़की दरवाजे में बिजली की तरंगे दौड़ने लगती है। खासकर बिजली की कटी तारे नमी की संपर्क में आकर जानलेवा साबित हो रही है । ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही है इससे बचाव पर पुलिस का जोर है लेकिन फिर भी ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही।
