
रमेश राजपूत

बिलासपुर– पत्रकार का काम समाज का आईना बनना होता है, जो निर्भीक और निडर होकर सत्यता के साथ बातों को समाज के सामने प्रस्तुत करता है, और कमजोर व्यक्ति से लेकर संसद की सरकार तक वह हमेशा अपने कार्यों से एक सेतु का कार्य करता है। लेकिन, वर्तमान समय में कुछ ऐसे तथाकथित पत्रकार समाज में पैदा हो गए हैं जो एक श्रमजीवी पत्रकार के सत्य निष्ठा और पहुंच का फायदा उठाकर समाज में धाक जमाने की कोशिश कर रहे हैं, और उद्देश्य पूर्वक श्रमजीवी वास्तविक पत्रकारों की छवि बिगाड़ने में लगे हुए हैं।ऐसे कई मामले भी सामने आए हैं जिसमे फर्जी पत्रकारों द्वारा शासकीय विभाग के खिलाफ खबरें छापने या उन्हें बदनाम करने की धमकी देते हुए पैसे की मांग की गई है। ऐसे फर्जी पत्रकार अधिकारी और कर्मचारी का भयादोहन करने में संलिप्त हैं| पीड़ित व्यक्ति ऐसे फर्जी पत्रकारों की शिकायत करने से भी डरते हैं|ऐसे मामले ‘पत्रकार’ नाम पर कहीं ना कहीं लोगों के दिमाग में गलत छवि पैदा कर रहा है| फर्जी पत्रकारों के ऐसे घिनौने कृत्य से श्रमजीवी और वास्तविक पत्रकारों को कहीं ना कहीं असामाजिक कथन और असामाजिक तत्वों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनमें भी आक्रोश पैदा होता जा रहा है। लिहाज़ा प्रेस क्लब बिलासपुर ने भी ऐसे पत्रकारों का समर्थन न करते हुए अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। पत्रकारों की इन सारी समस्याओं के निवारण, तथाकथित और फर्जी पत्रकारों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने की मांग करते हुए बिलासपुर प्रेस क्लब द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है, ताकि, धौंस जमाने की मंशा से पैदा हो रहे ऐसे फर्जी पत्रकारों की मंशाएं ही खत्म की जा सके।