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बिलासपुर में पड़ रही तेज गर्मी के बीच अचानक गुरुवार दोपहर को राहत की खबर आई। तेज धूप के बाद अचानक आसमान पर बादल उमड़ घुमड़ आए और देखते ही देखते तेज बारिश होने लगी। दोपहर करीब 3:30 बजे के आसपास शुरू हुई बारिश से पूरा शहर तरबतर हो उठा। इस राहत की बारिश से बिलासपुर का मौसम खुशगवार हो गया। इस साल बिलासपुर में रहने वाले लोग सिर्फ गर्मी से ही परेशान नहीं है साथ ही बिलासपुर में अभूतपूर्व जल संकट भी देखा जा रहा है। यही कारण है कि लोग पिछले 1 महीने से ही बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

वैसे तो अमूमन छत्तीसगढ़ में 10 जून के आसपास मानसून का दस्तक होता है लेकिन इस साल मानसून पिछड़ गया है। गुरुवार से पहले बुधवार और मंगलवार को भी बिलासपुर में बारिश हुई थी। हालांकि यह बारिश प्री मानसून बारिश है और यह केवल द्रोणिका और स्थानीय प्रभाव की वजह से हो रही है। वैसे दक्षिण से चला मानसून गंगटोक के पास अटक गया है जिसके आगे बढ़ने के लिए अच्छे हालात नहीं मिल रहे। फिर भी उम्मीद की जा रही है कि मानसून 23 जून के आसपास छत्तीसगढ़ से टकराएगा। इससे पहले इतनी देर 10 साल पहले हुई थी जब मानसून प्रदेश में 26 जून को पहुंचा था, बाकी सालों में यह 19 जून के आसपास प्रदेश में पहुंच जाता है। उस लिहाज से इस साल मानसून पिछड़ चुका है। वही आषाढ़ महीने में लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। सभी स्थानों में फिलहाल कुछ मिलीमीटर बारिश ही हुई है ।

प्रदेश से करीब 1000 किलोमीटर दूर मानसून ठहरा हुआ है, जिसके आने के पहले फिलहाल प्री मानसून की बारिश थोड़ी बहुत राहत दिला रही है। वैसे इस साल मानसून की देरी के पीछे वायु तूफान को भी वजह बताया जा रहा है लेकिन इसी बीच गुरुवार दोपहर को भी अच्छी बारिश ने लोगों की उम्मीदें जवां कर दी है। वैसे केंद्रीय मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि पिछले 12 साल में इस साल सबसे धीमी गति से मानसून आगे बढ़ रहा है। अब तक केवल देश के 15% हिस्से में ही मानसून पहुंच पाया है, लिहाजा यह मान कर चलिए कि इस साल भी बारिश कमजोर होगी। छत्तीसगढ़ में सूखे के हालात भी बन सकते हैं। इसीलिए सभी इंद्र देवता की मेहरबानी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं । शायद यही वजह थी कि गुरुवार दोपहर हुई बारिश में लोगों ने भीग कर लुत्फ़ लिया।