
भुवनेश्वर बंजारे
रायगढ़ – कंस्ट्रक्शन कंपनी को 35 लाख रुपए का चपत लगाने वाले दो आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार 6 अगस्त 2023 को रायगढ़ निवासी बजरंग अग्रवाल (57 वर्ष) ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कि उसकी कंपनी रायगढ़ में नेशनल हाईवे के निर्माण कार्य में लगी थी। इस दौरान कंपनी के लिए डीजल और पेट्रोल की जरूरत पड़ती थी, जिसे ट्रायबल अपेक्स से इंडेंट पर्ची के माध्यम से खरीदा जाता था। पिछले कुछ समय से ट्रायबल अपेक्स के कर्मचारियों ने कंपनी के पूर्व कर्मचारी गौरव गर्ग और हरजेश प्रधान के साथ मिलकर धोखाधड़ी करते हुए चार फर्जी इंडेंट पर्चियों के जरिए कंपनी के नाम पर डीजल और पेट्रोल निकाला और भुगतान कंपनी के खाते से किया। इसके पहले भी गौरव गर्ग पर लेबर पेमेंट में 12 लाख रुपये की हेराफेरी करने का आरोप लगा था, जिसके चलते उसे नवंबर 2022 में नौकरी से निकाल दिया गया था। हरजेश प्रधान उर्फ हरजेश उरांव कंपनी कार्यालय से डीजल-पेट्रोल की पर्ची लेकर ट्रायबल पंप से ईंधन भरवाने का काम करता था, जबकि गौरव गर्ग पर्ची जारी करने और हिसाब रखने का कार्य देखता था। जब कम्पनी का आडिट हुआ तो इस दौरान 16 अक्टूबर 2021 से 4 जून 2023 के बीच की गई जांच में यह गड़बड़ी उजागर हुई। इस आधार पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 593/2023 धारा 408, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया। इधर घटना के बाद से ही दोनो आरोपी फरार चल रहे थे। मामले में कोतवाली पुलिस के निरंतर प्रयास और दबाव के कारण दोनों आरोपी वापस रायगढ़ लौटे, जिसके बाद मुखबिर की सूचना पर बैकुंठपुर और विजयपुर में दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पंजाब निवासी गौरव गर्ग और चकघरनगर निवासी हर्जेश प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक इगेश्वर यादव, प्रधान आरक्षक अनूप तिग्गा, आरक्षक मनोज पटनायक, रोशन एक्का और महिला आरक्षक प्रतीक्षा मिंज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।