
भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – न्यायधानी में बुधवार को कोरोना विस्फोट हुआ है, जहाँ एक दो तीन नही बल्कि 42 नए मरीजो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मिली जानकारी के अनुसार नए पॉजिटिव मिले मरीजो में सर्वाधिक मस्तूरी ब्लॉक के है। बताया जा रहा है मस्तूरी ब्लॉक के कुल 22 लोगो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिसमे कछार, सोंठी और सीपत के रहवासी शामिल है। तो वही बिल्हा ब्लॉक के 19 नए मरीज भी कोरोना के चपेट में आए है। इसके साथ बिलासपुर के सरकंडा से एक नायब तहसीलदार भी कोरोना संक्रमित हुआ है। बुधवार देर रात आए नए मामलों में 28 पुरुष तो 14 महिला शामिल है। जिनमेंं सबसे कम उम्र 11 वर्षीय लड़की सहित 12 वर्ष का लड़का शामिल है। इसके अलावा बाकि मरीजो की उम्र 12 से 57 साल तक के बीच की बताई जा रही है। ताज्जुब की बात यह है कि बुधवार को सीपत क्षेत्र से आए मरीजो में सर्वाधिक मरीजो की कोई भी ट्रैवल हिस्ट्री नही है, यानी कि ये सभी पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आकर संक्रमित हुए है। वही एकाएक 42 नए केस आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, तो वही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी से लेकर अधिकारी भी सकते में आ गए है जिन्हें ट्रेस करने में अधिकारियों की नींद उड़ गई है। आपको बता दे 42 नए मरीजो को मिलाकर अब जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजो की संख्या 140 पहुँच गई है। जिसमे एक 34 वर्षीय युवक के मौत और 41 मरीजो के इलाज उपरांत डिस्चार्ज के बाद अब जिले में कोरोना एक्टिव मरीजो की संख्या 99 पहुँच गई है। जिनमे नए मरीजो में से कुछ को बिलासपुर के अन्य विशेष हॉस्पिटल में भर्ती करने के साथ अन्य को रायपुर एम्स भेजने की तैयारी की जा रही है।
सीपत में फूटा कोरोना बम, जिस बजुर्ग से संक्रमित हुए मेडिकल स्टॉफ आज उसी की हुई रायपुर से छुट्टी…

बुधवार को सीपत में कोरोना बम फूटा है! जिसने सीपत स्थित हॉस्पिटल से 10 मेडिकल स्टाफ को अपने चपेट में लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक जून को 86 वर्षीय बुजुर्ग सीपत से कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इसके पूर्व वह सीपत के हॉस्पिटल में गया था। इसी दौरान शायद वह वहॉ के स्टाफ से संपर्क में आया होगा। जिसके संदेह के आधार में बाकि स्टाफ की आरटी पीसीआर सैम्पल लेकर रायपुर भेजा गया था। जिसकी रिपोर्ट बुधवार को पॉजिटिव आने से सीपत क्षेत्र में हड़कम्प मच गया है। इधर जिस मरीज के संपर्क में आकर हॉस्पिटल के मेडिकल स्टाफ संक्रमित हुए थे, उसे आज रायपुर एम्स से डिस्चार्ज किया गया है।
संक्रमितों के भर्ती प्रक्रिया को लेकर हॉस्पिटल चयन करने में सीएमएचओ भी देर रात तक रहे असमंजस में…

जिले में 42 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग बुधवार देर रात एक ऐसे असमंजस में पड़ा था। जिसका जवाब देर रात जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पास नही था, कि आखिर नए पॉजिटिव आए मरीजो को किस हॉस्पिटल में भर्ती करना है। क्योंकि बिलासपुर कोविड हॉस्पिटल में शाम दो नए मरीजो के भर्ती प्रक्रिया के बाद उक्त हॉस्पिटल में कोरोना मरीजो की संख्या 100 पहुँच गई है। जबकि उससे अधिक की उस कोविड हॉस्पिटल की क्षमता ही नही है। ऐसे में 75 बिस्तरों वाला रेल्वे हॉस्पिटल में रात स्टाफ की नियुक्ति संभव नही थी। लिहाजा जिले सीएमएचओ मरीजो को भर्ती करने में देर रात असमंजस में थे। वह इस मामले में लगातार अपने उच्च अधिकारियों से राय सुमारी लेते रहे।