छत्तीसगढ़बिलासपुर

वाहन शिनाख्ती में कामयाबी अब तक सिर्फ 40, कबाड़ी पूछे कब होगी नीलामी

पुलिस कप्तान ने अच्छा प्रयास किया, लेकिन वाहन मालिकों की लापरवाही और उपेक्षा की वजह से योजना पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई

बिलासपुर मोहम्मद नासीर

वाहन मालिकों की निष्क्रियता की वजह से एसपी अभिषेक मीणा की अच्छी पहल बेअसर साबित होती नजर आ रही है। जिले के सभी थानों में वाहनों का अंबार लगा हुआ था ।चोरी के बाद जप्त यह वाहन थाने में पड़े पड़े कबाड़ बन रहे थे। कुछ वाहन दुर्घटना के बाद थाने पहुंच गए थे तो कुछ को यातायात नियमों के उल्लंघन के बाद जप्त किया गया था,, लेकिन या तो कानूनी प्रक्रिया के जटिल होने की वजह से वाहन मालिक इन्हें नहीं ले जा पा रहे थे या फिर वाहन मालिकों को यह जानकारी ही नहीं थी कि उनके वाहन किस थाने में किस हालत में है। लेकिन इस वजह से थाने कबाड़ी की दुकान नजर आने लगे थे, इसलिए नए एसपी अभिषेक मीणा ने सिटी एडिशनल एसपी विजय अग्रवाल के साथ मिलकर एक अभिनव प्रयास किया और जिले भर के थानों में मौजूद कंडम हो रहे वाहनों को पुलिस ग्राउंड ले आए। यहां पुख्ता व्यवस्था की गई ताकि वाहनों के असली वारिस, पहचान बताकर अपने वाहन वापस हासिल कर पाए। इसके लिए अलग-अलग मेक के वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर ,चेचिस नंबर की सूची भी लगाई गई , जिससे कि वाहन मालिक आसानी से अपने वाहनों की पहचान कर सकें। बिलासपुर के पुलिस मैदान में करीब 650 वाहन डिस्प्ले किए गए हैं ।अलग-अलग स्थानों से लाए गए मोटरसाइकिल को देखने तो ढेरों लोग आए, लेकिन अब तक वाजिब दस्तावेज उपलब्ध कराकर केवल 40 वाहन मालिक ही अपने वाहन ले गए हैं। यानी योजना से जिस तरह की अपेक्षा की गई थी उस अपेक्षा पर यह खरी नहीं उतरी। असल में अधिकांश वाहन मालिकों को यह पता ही नहीं है कि उनकी चोरी गई वाहन किस पुलिस थाने में है। इसलिए भी वे नहीं आ पाए। सूचना के अभाव के चलते असली वारिस तो नहीं पहुंचे लेकिन हां बड़ी संख्या में कबाड़ी रोज जरूर पहुंच रहे हैं ।उन्हें तो बस आखिरी तिथि के खत्म होने का इंतजार है ,वो हर बार एक ही सवाल पूछते हैं कि कब होगी नीलामी ? जिले भर के थानों से इन वाहनों को समेट कर बिलासपुर लाने के बाद 3 फरवरी से वाहन शिनाख्त परेड जारी है। इस काम में करीब 3 सप्ताह गुजर चुके है। जैसे कि पुलिस कप्तान ने पहले ही घोषित कर रखी है अब केवल बुधवार तक यानी 20 फरवरी तक ही बिलासपुर में अपने वाहनों को पहचान कर वाहन के असली मालिक उन्हें ले जा पाएंगे। जिसके बाद शिनाख्त परेड बंद कर दी जाएगी। पुलिस कप्तान ने एक और मौका देने के मकसद से जिले के ग्रामीण इलाकों के थानों को सूचित किया है कि वह एक और प्रयास करें, जिससे की उन क्षेत्रों के वाहन मालिक अपने वाहनों को ले जा पाए। उसके बाद कोर्ट से इन वाहनों को लावारिस घोषित करवा लिया जाएगा, जिसके बाद नीलामी की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी ।अब तक जिस तरह केवल 40 वाहन ही ले जाए गए हैं उससे समझा जा सकता है कि यह संख्या ऊंट के मुंह में जीरा समान है ।अब भी यहां 600 से अधिक वाहन मौजूद है। जिनमें से कई बेहद अच्छे हालत में है। इसीलिए इन्हें देखकर कबाड़ियो की आंखें चमक जाती है। वे यहां आकर बार-बार यह जानने का प्रयास करते हैं कि नीलामी कब होगी। यहां हर वक्त कबाड़ियों की भीड़ नजर आ रही है। जिस तरह लाश पर चील कौवे मंडराते रहते हैं ,उसी तरह कबाड़ी यहां मंडराते देखे जा रहे हैं ।पुलिस के पास भी और कोई विकल्प नहीं बचा ,इसलिए इन कम कंडम होते वाहनों की नीलामी ही आखिरी उपाय है ,जिसके जल्दी होने की बात कही जा रही है। कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि पुलिस कप्तान ने अच्छा प्रयास किया, लेकिन वाहन मालिकों की लापरवाही और उपेक्षा की वजह से योजना पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई।

error: Content is protected !!
Letest
आतंकी हमले में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के परिवारों को आर्थिक संबल...सरकार देगी 20-20 ल... नकली पनीर बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी.... पूरे छत्तीसगढ़ में निर्माण और बिक्री पर तत्काल ... बंद कमरे में फंदे पर लटका मिला युवक! जोंधरा में निर्मल पटेल की संदिग्ध मौत से सनसनी, चकरभाठा में दर्दनाक हादसा, काम करते-करते थम गई जिंदगी! करंट की चपेट में आकर मिस्त्री की मौके पर मौत कमरे में फंदे पर झूलता मिला 17 वर्षीय किशोर.. घर में मचा कोहराम, आत्महत्या के कारणों की जांच में जुट... तखतपुर CMO की कार बनी काल! बाइक को मारी जोरदार टक्कर, दो महिलाओं की दर्दनाक मौत, एक घायल, चालक वाहन ... रहस्यमयी मौत या साजिश?... 2 दिन से लापता युवक की तालाब में मिली लाश... हर एंगल से जांच में जुटी पुलि... बिलासपुर:- फरार आरोपी पर 5 हजार का ईनाम... भागता रहेगा या होगा गिरफ्तार, पुलिस ने जारी किए हेल्पलाइन... वंदे भारत बनी 'लाइफलाइन': भारत में पहली बार ट्रेन से पहुंचा जीवित हृदय, समय पर ट्रांसप्लांट के लिए र... स्मार्ट मीटर या बढ़ता बिजली बिल? आखिर उपभोक्ताओं की शिकायत सही है या सिर्फ भ्रम, कैसे दूर होगा विवाद...