
रमेश राजपूत
जांजगीर-चांपा – अकलतरा थाना क्षेत्र के ग्राम कोटमीसोनार में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की निर्मम हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात का पुलिस ने बेहद तेजी से खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी युवराज निषाद 35 वर्ष निवासी रौना कापा, थाना जरहागांव, जिला मुंगेली तथा ईश्वरी बाई केंवट 32 वर्ष निवासी कोटमीसोनार, थाना अकलतरा, जिला जांजगीर-चांपा हैं। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक अमरनाथ केंवट की पत्नी ईश्वरी बाई कुछ माह पूर्व अपने प्रेमी युवराज निषाद के साथ पुणे भाग गई थी। बाद में पति के बुलावे पर वह 21 जुलाई को पुनः घर लौट आई। 27 जुलाई की दोपहर लगभग 3:15 बजे अमरनाथ के बेटे लक्ष्य कुमार ने अपने बड़े पापा को सूचना दी कि उसकी मां ईश्वरी का प्रेमी घर में घुस आया है और उसने अमरनाथ के सिर और चेहरे पर कुदाल से वार कर दिया है। जब तक परिजन पहुंचे, अमरनाथ खून से लथपथ पड़ा था। तुरंत उसे उपचार के लिए शासकीय अस्पताल अकलतरा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना अकलतरा में धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध क्रमांक 347/2025 पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। सायबर सेल की मदद से आरोपी प्रेमी-प्रेमिका को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि वे पिछले 8-9 माह से प्रेम संबंध में थे और साथ मिलकर पुणे भाग गए थे। वापसी के बाद कुछ समय तक बिलासपुर में भी साथ रहे। अमरनाथ द्वारा ईश्वरी को वापस ले जाने के बाद युवराज ने हत्या की योजना बनाई। वारदात के दिन वह घर के पीछे से घुसकर घर में रखे कुदाल से अमरनाथ पर ताबड़तोड़ वार किए। वारदात में ईश्वरी ने भी सहयोग किया। हत्या के बाद कुदाल को लीलागर नदी के किनारे फेंक दिया गया, जिसे पुलिस ने मेमोरेंडम कथन के आधार पर बरामद कर लिया। घटना में प्रयुक्त स्कूटी भी जब्त की गई। अकलतरा पुलिस एवं सायबर सेल की त्वरित कार्रवाई से मात्र 24 घंटे में इस जघन्य हत्या का खुलासा हो गया। निरीक्षक भास्कर शर्मा, सायबर सेल के निरीक्षक सागर पाठक, एएसआई विवेक सिंह, आरक्षक गिरीश कश्यप, प्रदीप दुबे, शाहबाज खान एवं एएसआई दाउराम बरेठ की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 28 जुलाई को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।