
डेस्क
कुछ दिनों पहले ही यह लग रहा था कि इस बार खुटाघाट जलाशय में शत-प्रतिशत जलभराव मुमकिन नहीं और मुमकिन है कि इस बार किसानों को खुटाघाट बांध से पानी भी ना दिया जा सके लेकिन पिछले एक-दो दिनों से हो रही बारिश ने हालात बिल्कुल बदल दिए हैं और खुटाघाट में करीब 94% जलभराव सोमवार तक हो गया। आपको बता दें कि रतनपुर आगे खुटाघाट जलाशय का निर्माण साल 1921 में शुरू हुआ था और 1930 में यह काम पूरा हुआ। आजादी के बाद इसका नामकरण संजय गांधी जलाशय हुआ और इसकी कुल क्षमता 192 मिलियन घन मीटर है। जिसका 94% अभी तक भर चुका है ।
खुटाघाट जलाशय में मौजूद शिव मंदिर का शीर्ष अब जरा सा ही नजर आ रहा है, जो इस बात का प्रतीक है कि खुटाघाट जलाशय लगभग पूरा भरने की कगार पर है। पिछले कुछ दिनों से रतनपुर पाली क्षेत्र के जंगली इलाकों में हो रही बारिश के चलते पुलाली , पोड़ी नदी में उफान की स्थिति है और कई रास्ते अवरुद्ध हो चुके हैं। इसी का असर है कि खुंटाघाट बाद में अचानक जलस्तर बढ़ गया है और मुमकिन है कि एक-दो दिनों में यहां वेस्ट वेयर भी चालू हो जाए।तब बांध में जमा अतिरिक्त पानी को वेस्ट वेयर से छोड़ा जाएगा और उस समय यहां झरने जैसे नजारे होंगे। जिसे देखने बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की एक बार फिर उम्मीद की जा रही है ।जल संसाधन विभाग भी उम्मीद नहीं कर रहा था कि इस बार वेस्ट वेयर की स्थिति बनेगी। लेकिन मौजूदा हालात जैसे बन रहे हैं उससे यही लग रहा है कि इस बार भी खुटाघाट बांध में वेस्ट वेयर की स्थिति बनेगी।
वही पुलाली और पोड़ी नदी में आई बाढ़ से आसपास के ग्रामीण इलाके डूब गए हैं । कोटा तहसीलदार और पुलिस विभाग के अधिकारी सहित प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह जुटा हुआ है । वही अगर खुटाघाट बांध ओवरफ्लो होने लगे और उसका पानी ग्रामीण इलाकों में घुस जाए तो उससे निपटने के लिए भी प्रशासन ने अभी से तैयारी कर ली है । कुल मिलाकर आने वाले दिन खूंटाघाट के लिए सुहावने होने वाले हैं। अगर वेस्ट वेअर की स्थिति होती है तो हर बार की तरह इस बार भी यहाँ पर्यटकों का मेला लग जाएगा, जिसकी उम्मीद बनने लगी है।