
जुगनू तम्बोली
रतनपुर – सनातन परंपरा के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को बहुला चौथ के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर माताएं संतान की रक्षा एवं सुख-समृद्धि की कामना करते हुए व्रत रखती हैं और भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय बहुला गाय की पूजा करती हैं। इसी परंपरा के तहत मंगलवार को महामायापारा वार्ड क्रमांक 3 में महिलाओं ने विधिविधान से बहुला चौथ व्रत संपन्न किया। इस दौरान मिट्टी की गाय बनाकर पूजा-अर्चना की गई। बहुला चौथ व्रत की कथा के अनुसार, ब्रज में बहुला नामक गाय थी, जो धर्मनिष्ठ और सत्यनिष्ठ थी। एक दिन भगवान श्रीकृष्ण ने उसकी परीक्षा लेने के लिए शेर का रूप धारण कर लिया और उसे पकड़ लिया। बहुला ने शेर से निवेदन किया कि वह पहले अपने बछड़े को दूध पिलाने जाए और फिर वापस आकर स्वयं को उसके हवाले कर देगी। शेर ने उसकी बात पर विश्वास किया। वचन निभाते हुए बहुला गाय वापस लौटी, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपना वास्तविक रूप दिखाकर उसे आशीर्वाद दिया कि कलयुग में उसकी पूजा होगी।

महामायापारा में आयोजित व्रत कार्यक्रम में राजेश्वरी दुबे, लीना दुबे, मनीषा दुबे, कल्याणी तिवारी, हेमा शर्मा, विजेता शर्मा, रिंकी दुबे, अनुभा पांडे, हेमा थवाईत, स्वाति दुबे सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। व्रतियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा की और संतान की दीर्घायु, परिवार की खुशहाली व जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की।