
भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – सिम्स में एकबार फिर सामान्य ऑपरेशन की सुविधा मरीजो को नही मिल पा रही है। जिसके कारण मरीज हॉस्पिटल और डॉक्टरों के चक्कर काट रहे है। वही इस मामले में सिम्स अधीक्षक के अनुसार सिम्स हॉस्पिटल के आधे से अधिक मेडिकल स्टॉफ की ड्यूटी कोरोना ओपीडी में लगाई गई है। इसमें लगभग 50 से अधिक स्टॉफ संक्रमित मरीज के संपर्क में आने के बाद 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में चले गए है। या यूं कहें कि कोरोना ओपीडी में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर कर्मचारीयों के सुरक्षा को लेकर सिम्स प्रबंधन लापरवाही बरत रही है। जिस वजह से सिम्स के सर्वाधिक स्टॉफ क्वारंटाइन हो चुके है।

जिसके कारण अस्पताल में स्टॉफ की कमी हो गई है। ऐसे में संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीज को अस्पताल में एक डॉक्टर से दूसरे डॉक्टर के ओपीडी के चक्कर काटने पड़ रहें है। इसके बाद थक हार कर मरीजो को निजी हॉस्पिटल की और कूच करना पड़ रहा है। जहाँ के भारी भरकम बिल से उनकी आर्थिक स्थिति डगमगाने लगी है। अगर इस ओर जल्द ही कोई सकारत्मक पहल नही की गई तो अंचल के मरीजो को और भी अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
बिलासपुर कोविड हॉस्पिटल में भी सिम्स के डॉक्टर्स की लगी ड्यूटी, जल्द वो भी होंगे क्वारंटाइन..

कोरोना काल के एक तरफ सिम्स में स्टॉफ की कमी हो गई है। तो दूसरी तरफ सिम्स प्रबंधन ने अपने 9 डॉक्टरों को संभागीय कोविड-19 हॉस्पिटल में संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए तैनात किया है। जहाँ इलाज करने के बाद इन डॉक्टरों को भी क्वारंटाइन के लिए तिफरा फल मार्केट स्थित झुलेलाल मंगलम में रखा जाएगा। यह भी एक वजह है जिससे सिम्स में मेडिकल स्टाफ की कमी हो रही है, जिससे सिम्स में आने वाले जरुरतमंदों का इलाज नहीं हो पा रहा है।