गुरुवार दोपहर नगर निगम विकास भवन का घेराव करने जोगी कांग्रेस के नेता पहुंचे । उन्होंने सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा और 15 दिन की मोहलत दी। साथ ही यह धमकी भी दी कि अगर 15 दिनों के भीतर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे निगम अधिकारियों के घर के नल का कनेक्शन काट देंगे।
आलोक
विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ताश के पत्तों की तरह बिखरती चली गई। हालात ऐसे हो गए कि लोकसभा चुनाव लड़ने की भी हिम्मत पार्टी नहीं कर पाई। पार्टी से अधिकांश बड़े नेता कूच कर चुके हैं ,लेकिन अब भी पार्टी के कुछ नेता अपना अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इसी लड़ाई के तहत गुरुवार को जोगी कांग्रेस के बचे ख़ुचे नेता नगर निगम विकास भवन में आयुक्त का घेराव करने पहुंचे । यहां उन्हें आयुक्त तो नहीं मिले ,लेकिन अपनी उपस्थिति मीडिया के सामने दर्ज कराने इन लोगों ने यहां हंगामा मचाना शुरू कर दिया ।खासकर इनके साथ आए एक कार्यकर्ता शराब के नशे में अनाप-शनाप बकने लगे। निगम के अधिकारियों को अपशब्द कहने के साथ यह नेता जी मीडिया से भी भिड़ गए और मीडिया की कार्यप्रणाली पर भी आपत्तिजनक बात करने लगे।
बेकाबू होते इस कार्यकर्ता को संभालने की कोशिश भी पार्टी के किसी नेता ने नहीं की। इसके बाद अपनी बदजुबानी के लिए उस कार्यकर्ता को यहां मौजूद जनता ने जमकर सबक सिखाया । लोगों के हाथो पीटे जाने के बाद वह कार्यकर्ता तो गधे के सर से सिंग की तरह गायब हो गया , लेकिन यहां पार्टी की खत्म हो चुकी साख को फिर से पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहे नेताओं ने आयुक्त की गैरमौजूदगी में उपायुक्त आर पी वर्मा को अपना सात सूत्रीय ज्ञापन और मांग पत्र सौंपा। इसमें शहर में पानी की समस्या को लेकर चिंता जाहिर की गई है। बिलासपुर के अलग-अलग हिस्सों में बोरवेल खुदवाने, नियमित रूप से पानी उपलब्ध करवाने, सभी वार्डों में पर्याप्त पानी सप्लाई करने और अवैध नल कनेक्शन काटे जाने की वकालत जोगी कांग्रेस के नेताओं ने की ।
जनप्रतिनिधियों का जनता के लिए आवाज बुलंद करना जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य भी है । लेकिन यहाँ जोगी कांग्रेस के नेता हदें पार करते नजर आए। उन्होंने कहा कि अगर 15 दिनों के अंदर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो जोगी कांग्रेस के कार्यकर्ता, निगम अधिकारियों के घर घर जाकर उनका नल कनेक्शन काट देंगे। यानी कानून को हाथ में लेने की धमकी जोगी कांग्रेस के नेता सरे आम दे रहे है और ऐसा वे किस अधिकार से करेंगे यह बताने के लिए कोई भी जिम्मेदार पदाधिकारी यहां नहीं था।
जोगी कांग्रेस के गिने-चुने बच गए नेता अपनी उपस्थिति दर्ज कराने विकास भवन पहुंचे थे लेकिन उनकी रणनीति खास सफल नहीं हुई । अव्वल तो आयुक्त मिले नहीं, ऊपर से उनके साथ आए एक कार्यकर्ता ने हीं उनकी कोशिशों को मटिया मेट कर दिया। खैर भागते भूत की लंगोटी सही। किसी तरह ज्ञापन सौंपकर मीडिया में एक बार फिर खबरों में जगह पाने की कोशिश तो इनकी कामयाब हुई, लेकिन इन कोशिशों का हासिल क्या होगा, यह भी शायद पार्टी के साथ छूट गए नेताओं को नहीं पता होगा।