
पुलिस विभाग को भी चाहिए कि मामले की निष्पक्ष जांच कराएं ताकि वर्दी पर किसी तरह का दाग ना लगे

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
तखतपुर क्षेत्र के जूना पारा पुलिस चौकी में एक युवक के साथ आरक्षक द्वारा की गई मारपीट का मामला अब तूल पकड़ने लगा है । युवक और उसके परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से भी की है और इसे मानव अधिकार आयोग तक ले जाने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले तखतपुर जूना पारा में रहने वाले युवक जय लाल जायसवाल के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ था जिसके बाद उसे मामले की तहकीकात के लिए पुलिस चौकी बुलाया गया था। अब आरोप लगाया जा रहा है कि पुलिस चौकी में आरक्षक प्रीतम चतुर्वेदी ने जय लाल की बेरहमी से पिटाई की। इतना ही नहीं जब उसके साथ आए लोगों ने विरोध किया तो उन्हें भी पीटा गया ।अन्य पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में चौकी में युवक की पिटाई की शिकायत राजमिस्त्री जय लाल जयसवाल और उसके परिजन कर रहे हैं। इनका आरोप है कि आरक्षक प्रीतम चतुर्वेदी ने कुछ समय पहले जय लाल जयसवाल से अपने घर पर काम करवाया था, जिस का 15,000 रुपये बकाया है। उस रकम को मांगने पर ही आरक्षक ने उसे झूठे मामले में फंसा कर जेल भेजने की धमकी दी थी और उसी धमकी को पूरा करते हुए छेड़छाड़ के झूठे मामले में फंसाकर चौकी बुलाकर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई ,ताकि राजमिस्त्री डर जाए और पैसा मांगने की हिम्मत ना करें। इस भयादोहन के मामले में राजमिस्त्री को झूठे केस में फंसा कर जेल भेजने की धमकी देने की बात भी कही जा रही है ।आरोप ये भी है कि आरक्षण प्रीतम चतुर्वेदी को चौकी के अन्य सिपाही संरक्षण दे रहे हैं। न्याय की उम्मीद में जय लाल और उसके परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से भी मामले की शिकायत की है और वे इसे सभी स्तरों तक ले जाना चाहते हैं, जिस से लग रहा है कि यह मामला आने वाले दिनों में तूल पकड़ेगा। पुलिसिया धौंस दिखाते हुए पहले तो आरक्षक ने गरीब राजमिस्त्री से अपने घर काम करा लिया और अब मेहनताने की जगह उसे झूठे मामले में फंसा कर मारपीट की जा रही है, इसलिए विभाग को भी चाहिए कि मामले की निष्पक्ष जांच कराएं ताकि वर्दी पर किसी तरह का दाग ना लगे।