
रमेश राजपूत
बिलासपुर – राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूटपाट और हत्या जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एसएसपी बिलासपुर रजनेश सिंह के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त सामग्री बरामद की गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में जय दिवाकर 20 वर्ष, सूरज साहू 20 वर्ष और प्रदीप धुरी 19 वर्ष शामिल हैं, जो सभी तिफरा क्षेत्र के निवासी हैं।

पुलिस ने इनके पास से एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल, रेडमी कंपनी का मोबाइल फोन, तीन धारदार चाकू, लूटे गए मोबाइल फोन तथा नगद रकम जब्त की है। आरोपियों का पूर्व में भी लूटपाट के मामलों में आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वे पहले जेल भी जा चुके हैं। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि 17 अगस्त 2025 को कोरिया बैकुंठपुर निवासी राज सिंह अपने हेल्पर पारस केंवट के साथ ट्रक में सीमेंट लोड कर मनेन्द्रगढ़ जा रहे थे। गतौरी के पास टायर पंचर होने पर वे रुके थे, तभी मोटरसाइकिल सवार अज्ञात युवकों ने चाकू दिखाकर 6000 रुपये और मोबाइल लूट लिया। विरोध करने पर हेल्पर पारस केंवट पर चाकू से हमला किया गया, जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ए.सी.सी.यू. और थाना कोनी की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। घटना स्थल और आसपास के लगभग 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कोनी के अलावा हिर्री और चकरभाठा थाना क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूट की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना कोनी में अपराध क्रमांक 17/2026 धारा 103(1), 3(5) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर विधिवत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया है।

इस सफल कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल, ए.सी.सी.यू. प्रभारी अनुज कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार, थाना प्रभारी भावेश सेण्डे सहित सायबर सेल और थाना कोनी की पूरी टीम की अहम भूमिका रही। उत्कृष्ट कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित करने की घोषणा की गई है।