
जुगनू तंबोली
रतनपुर – धार्मिक नगरी रतनपुर स्थित प्राचीन मां महामाया देवी मंदिर में माघ गुप्त नवरात्रि महोत्सव आज से विधिवत प्रारंभ हो गया। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व का शुभारंभ विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ किया गया। यह महोत्सव 19 जनवरी से 27 जनवरी तक चलेगा। नवरात्र के पहले दिन मंदिर में सुबह 8 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिपूर्वक घट स्थापना की गई। इसके साथ ही मंदिर के गर्भगृह में मुख्य ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किया गया। घट स्थापना के पश्चात दुर्गा सप्तशती पाठ का शुभारंभ हुआ, जो पूरे नवरात्र काल में निरंतर चलता रहेगा। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जिससे भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया है।

महामाया मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतीश शर्मा ने बताया कि गुप्त नवरात्र के दौरान प्रतिदिन विशेष पूजा-अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। 26 जनवरी को अष्टमी के अवसर पर महाअष्टमी पूजन, हवन और पूर्णाहुति का कार्यक्रम संपन्न होगा। वहीं नवरात्र के समापन दिवस पर मंदिर ट्रस्ट द्वारा कन्या भोज एवं सामूहिक प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान प्रतिदिन सुबह 7 बजे प्रभात आरती और शाम 6 बजे महाआरती की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वर्ष में चार बार नवरात्र मनाए जाते हैं।

चैत्र और शारदीय नवरात्र के अलावा आषाढ़ और माघ मास में पड़ने वाले नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहा जाता है। गुप्त नवरात्र विशेष रूप से साधना, तंत्र-मंत्र और आध्यात्मिक सिद्धियों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। मान्यता है कि इस अवधि में मां दुर्गा की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और साधकों को मनोवांछित सिद्धियां मिलती हैं।मां महामाया मंदिर में प्रारंभ हुए इस गुप्त नवरात्र महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। दूर-दूर से भक्त माता के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने रतनपुर पहुंच रहे हैं। पूरे नौ दिनों तक मंदिर परिसर में भक्तिभाव और धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहेगा।