सत्याग्रह डेस्क

फर्जी बैंक कर्मी बनकर लोगों को फोन करना और उनके एटीएम की जानकारी हासिल कर बैंक से रकम उड़ा देना अब आम बात हो चुकी है। अब तो अपराधी बिना फोन किए , बगैर एटीएम नंबर पता किए भी बैंक खाली कर रहे हैं। ऐसा ही एक गिरोह लंबे वक्त से सक्रिय है। पुलिस को जानकारी मिली कि इन्हीं का एक सहयोगी मोहित कुमार गर्ग बिलासपुर में है, जिसका लिक पंजाब गैंग से है। इसके बाद पुलिस ने चकरभाठा, सकरी और सरकंडा के स्टाफ के साथ एक टीम बनाकर साइबर सेल की मदद से मोहित कुमार गर्ग को धर दबोचा । भटिंडा का रहने वाला मोहित कुमार गर्ग फर्जी बैंक कर्मी बनकर ठगने वाले गैंग के सरगना कलीम अशरफ के लिए काम करता है। कलीम अशरफ के साथ झारखंड के कई एटीएम ठग ठगों के लिए भी मोहित काम किया करता है। झारखण्ड के जामत बाड़ा, देवघर धनबाद, गिरिडीह के एटीएम से ठग गिरोह द्वारा लोगों के बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लिए जाते हैं और मोहित गर्ग इन्हीं आहरित किए गए रकम का उपयोग टेलीफोन बिल, बिजली बिल डिश टीवी रिचार्ज कर अपना कमीशन काटकर शेष रकम ठगों को दिल्ली और उनके बताए जगहों पर पहुंचाया करता था। यह काम वह 2015 से लगातार कर रहा था।पकड़े जाने के बाद मोहित गर्ग ने बताया कि झारखंड के अलगचुआ, सीतलपुर,सतुआ टांड़ नावाडीह, बनकटी , फफनाथ, मोहनपुर ,डुमरिया, बरदाहा,बाग बेर रामपुर, दुधानी, काशी टांड, झिलवा जैसे कई ग्रामीण इलाके ऐसे हैं जहां 100 से अधिक गांवों में फर्जी सिम कार्ड का प्रयोग कर बैंकों के ग्राहकों की रकम उड़ाने वाले अपराधी सक्रिय हैं । ये बैंक से रकम उड़ाने वाले के रकम को रुपयों में तब्दील करा कर अपने अकाउंट में मंगवाता था और फिर अपनी अपने निचे काम करने वालों को रुपया बांटता था। ऐसा करते हुए मोहित पहले अपना हिस्सा काट लिया करता था। पुलिस ने 1 साल पहले जून 2018 में भटिंडा में मोहित के घर पर दबिश भी दी थी, लेकिन पुलिस के आने की भनक पाकर वह भागने में कामयाब हुआ था। आरोपी मोहित गर्ग के पास से कंप्यूटर, सिम कार्ड ,आधार कार्ड, पैन कार्ड ,एयर पिस्टल, पासपोर्ट एसबीआई और एलआईसी के बांड पेपर, जमीन और फ्लैट खरीदने संबंधित दस्तावेज, पेन ड्राइव, चेक बुक, एक कार भी बरामद हुआ है। इससे पहले भी उसके घर से पुलिस ने काफी कुछ बरामद किया था। इस मामले में पहले भी पुलिस विशाल गोयल, आशु गोयल को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस को मास्टरमाइंड कलीम अशरफ की तलाश है आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि इस गैंग द्वारा हर दिन 3 से 4 लाख रुपए की ठगी का कारोबार किया जाता है। मोहित का सिर्फ कलीम अशरफ से ही नहीं अन्य ठगों से भी संबंध है। मोहित अकेला ही 40 से अधिक ठगी करने वाले गिरोह के सरगनाओ से संपर्क में था। बिलासापुर पुलिस के लिए यह गिरफ्तारी बड़ी कामयाबी है ।अब मोहित की मदद से पुलिस मुख्य आरोपी कलीम अशरफ तक पहुंचने की कोशिश करेगी।