
जुगनू तंबोली
रतनपुर – धार्मिक नगरी रतनपुर में प्रशासनिक मनमानी और राजनीतिक दबंगई का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अतिथि निवास राम दरबार होम स्टे के संचालक देवकुमार थवाईत ने पड़ोसी राजू शर्मा और स्वीटी शर्मा पर राजनीतिक रसूख के दम पर प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि तहसीलदार रतनपुर शिल्पा भगत पर नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से होम स्टे सील करने का आरोप लगा है। इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार बेघर होने की कगार पर पहुंच गया है और अब उन्होंने 21 जनवरी 2026 से आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
एक रजिस्टर की कमी, लेकिन निशाना सिर्फ ‘राम दरबार अतिथि निवास पर

पीड़ित देवकुमार थवाईत का कहना है कि उन्होंने नगर पालिका से विधिवत गुमास्ता लाइसेंस लेकर शासन की होम स्टे योजना के तहत “राम दरबार अतिथि निवास” संचालित किया था। बावजूद इसके, 9 जनवरी 2026 को तहसीलदार शिल्पा भगत ने “सुरक्षा चेकिंग” के नाम पर होम स्टे को सील कर दिया केवल इसलिए कि गेस्ट रजिस्टर में आने-जाने का समय दर्ज नहीं था।
आरोप है कि रतनपुर के कई अन्य लॉज और होटलों में भी यही कमी पाई गई, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे साफ प्रतीत होता है कि यह कार्रवाई नियमों के तहत नहीं, बल्कि दबाव और पक्षपात के तहत की गई।
राजनीतिक दबाव और कथित वसूली के गंभीर आरोप

देवकुमार थवाईत का आरोप है कि पड़ोसी राजू शर्मा अपनी राजनीतिक पहुंच का दुरुपयोग कर लगातार प्रशासन पर दबाव बनाते रहे हैं। इतना ही नहीं, पीड़ित का दावा है कि तहसीलदार के करीबी व्यक्ति के माध्यम से उनसे पैसे की मांग की गई और मना करने पर होम स्टे नहीं खोला गया। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण होगा।
परिवार सहित आमरण अनशन की चेतावनी

न्याय न मिलने से हताश होकर देवकुमार थवाईत ने अपने पूरे परिवार के साथ “राम दरबार” के सामने 21 जनवरी से आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि अनशन के दौरान कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी राजू शर्मा, स्वीटी शर्मा और तहसीलदार शिल्पा भगत की होगी।