
रमेश राजपूत
मुंगेली – जिले के सरगांव पेंड्री स्थित गणेश मिनरल्स राइस मिल में बड़े पैमाने पर धान की हेराफेरी का मामला सामने आया है। कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर राज्य स्तर से सूचना प्राप्त होने के बाद राजस्व, खाद्य एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त दल ने मिल का आकस्मिक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। निरीक्षण दल द्वारा मिल में भंडारित धान की मात्रा का भौतिक सत्यापन प्वाइंटर्स के माध्यम से कराया गया। जांच दल के पहुंचते ही मिल के कर्मचारियों द्वारा सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए। पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान न तो सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई गई और न ही कैमरों को दोबारा चालू किया गया।

इस संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए जांच दल ने मौके पर ही सीसीटीवी डीवीआर जब्त कर लिया। मिल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार गोदाम में कुल 2,41,896 कट्टी धान का भंडारण होना चाहिए था। लेकिन भौतिक सत्यापन के दौरान गोदामों में मात्र 1,97,458 कट्टी धान ही पाया गया। इस प्रकार ऑनलाइन दर्ज मात्रा से 44,438 कट्टी धान, अर्थात लगभग 17,775.2 क्विंटल धान कम मिला। इतनी बड़ी मात्रा में धान की कमी को लेकर मिल के मैनेजर और कर्मचारियों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

जांच दल के अनुसार यह स्पष्ट रूप से धान की हेराफेरी का गंभीर मामला प्रतीत होता है। गायब धान की अनुमानित कीमत लगभग 5.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर गणेश मिनरल्स राइस मिल को तत्काल सील कर दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई में तहसीलदार सरगांव अतुल वैष्णव, नायब तहसीलदार लीलाधर क्षत्रिय, खाद्य निरीक्षक दीपाली सिंह, मंडी उप निरीक्षक शुभम पैकरा और पटवारी रमेश कौशिक सहित संयुक्त जांच दल के सदस्य शामिल रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।