
रमेश राजपूत
बिलासपुर – थाना सकरी पुलिस ने नाबालिग बच्चों के नाम दर्ज भूमि को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेचने के गंभीर मामले में अखिलेश पाण्डेय, अनुराग पाण्डेय, अभिषेक पाण्डेय एवं उनके अन्य साथियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 464, 467, 468, 471 एवं 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। प्रार्थी मनीष कुमार शुक्ला 44 वर्ष निवासी ग्राम हालाहुली, जिला रायगढ़ ने थाना सकरी में रिपोर्ट कराई है, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके तीन नाबालिग बच्चे शौर्य शुक्ला (9 वर्ष), कु. परिनिधि शुक्ला (15 वर्ष) एवं कु. प्रतिभा शुक्ला (17 वर्ष) के नाम मौजा सकरी, तहसील सकरी, जिला बिलासपुर स्थित खसरा नंबर 258, रकबा 0.1500 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में संयुक्त रूप से दर्ज है। उक्त भूमि पर उनके बच्चों का 1/6 भाग का वैधानिक अधिकार है, जो उन्हें उनकी मृत माता स्व. अमिता शुक्ला के माध्यम से नाना पक्ष से उत्तराधिकार में प्राप्त हुआ है। अमिता का निधन 4 अप्रैल 2018 को हो चुका है। प्रार्थी के अनुसार, अप्रैल 2025 में राजस्व दस्तावेजों की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि उक्त भूमि को दिनांक 9 अक्टूबर 2023 को अवैधानिक रूप से विक्रय कर दिया गया। विक्रय पत्र की सत्य प्रति प्राप्त करने पर यह सामने आया कि आरोपियों ने मनीष शुक्ला को मृत बताकर झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत किया और आरोपी अखिलेश पाण्डेय ने स्वयं को नाबालिग बच्चों का वली (अभिभावक) बताकर षड्यंत्रपूर्वक भूमि का पंजीकृत विक्रय कर दिया। आरोप है कि विक्रय से प्राप्त राशि को सभी आरोपी आपस में बांटकर नामांतरण भी करा चुके हैं। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए अपराध दर्ज कर लिया है तथा दस्तावेजों की जांच और आरोपियों की भूमिका की विस्तृत विवेचना की जा रही है।