
जुगनू तंबोली
रतनपुर – धार्मिक नगरी रतनपुर में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर के राम दरबार अतिथि निवास होम स्टे को सील किए जाने के मामले में पीड़ित संचालक देवकुमार थवाईत ने प्रशासन पर पक्षपात, राजनीतिक दबाव और मनमानी का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। यह मामला अब पूरे नगर में चर्चा का विषय बन गया है। देवकुमार थवाईत का कहना है कि उन्होंने नगर पालिका से विधिवत गुमास्ता लाइसेंस प्राप्त कर शासन की होम स्टे योजना के अंतर्गत राम दरबार अतिथि निवास का संचालन किया था।

इसके बावजूद 9 जनवरी 2026 को तहसीलदार रतनपुर शिल्पा भगत द्वारा सुरक्षा जांच के नाम पर होम स्टे को सील कर दिया गया। कारण बताया गया कि गेस्ट रजिस्टर में आने-जाने का समय अंकित नहीं था। पीड़ित का आरोप है कि रतनपुर के कई अन्य होटल और लॉज में भी यही कमी पाई जाती है, लेकिन उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। पीड़ित ने पड़ोसी राजू शर्मा और स्वीटी शर्मा पर राजनीतिक रसूख के दम पर प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। न्याय न मिलने से आहत देवकुमार थवाईत अपने पूरे परिवार के साथ बुधवार से राम दरबार के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।

पीड़ित परिवार ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग केवल निष्पक्ष जांच, होम स्टे को पुनः खोलने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धार्मिक नगरी में इस प्रकार की कथित पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाता है।