
रमेश राजपूत
कोरिया – जिले के सोनहत जनपद पंचायत से जुड़ा एक मामला इन दिनों काफी चर्चा में रहा, जिसमें स्कूल परिसर में आयोजित नाचा कार्यक्रम के दौरान नोट उड़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए रोजगार सहायक जिंदर साय सोनवानी को पद से हटा दिया है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद जनपद पंचायत सोनहत द्वारा मामले की जांच की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि शासकीय विद्यालय परिसर में इस प्रकार का आचरण शासकीय सेवा की गरिमा के विपरीत है। जनपद पंचायत ने इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत कदाचरण की श्रेणी में माना। प्रकरण में संबंधित रोजगार सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
नोटिस के जवाब में दिए गए स्पष्टीकरण को सक्षम अधिकारी द्वारा असंतोषजनक पाया गया। इसके बाद जनपद पंचायत ने तत्काल प्रभाव से जिंदर साय सोनवानी को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी कर दिया। प्रशासन का कहना है कि शासकीय परिसरों में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखना सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय के बाद जिले के पंचायत कर्मियों में भी संदेश गया है कि अनुशासनहीनता पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।