
उदय सिंह
बिलासपुर – जिले के पचपेड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवनाथ नदी के किनारे बसे ग्राम पंचायत भिलौनी में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के नाम पर ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों से अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के ठेकेदार से जुड़े लोग प्रति उपभोक्ता 500 से 1000 रुपये तक की मांग कर रहे हैं, जबकि शासन के निर्देशानुसार स्मार्ट मीटर पूरी तरह निःशुल्क लगाए जाने हैं। ग्राम पंचायत भिलौनी में लगभग 700 राशन कार्डधारी परिवार निवासरत हैं, जिनमें अधिकांश गरीब एवं मध्यम वर्ग के हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार के कर्मचारी स्मार्ट मीटर लगाने से पहले या दौरान खुलेआम पैसों की मांग कर रहे हैं। कई परिवारों ने डर और मजबूरी में पैसे दे दिए, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया है। ग्रामीणों ने इसे सीधा-सीधा शोषण बताया है। इस मामले में सरपंच प्रतिनिधि सरोज पैकरा ने बताया कि उन्हें भी ग्रामीणों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है और किसी भी प्रकार की वसूली नियमों के खिलाफ है। यदि ऐसा किया जा रहा है तो यह गंभीर अपराध है। वहीं बिजली विभाग के अधिकारी गंगासागर ध्रुव ने भी साफ शब्दों में कहा कि स्मार्ट मीटर के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क लेने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि कोई ठेकेदार या उसका कर्मचारी पैसे की मांग करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन और बिजली विभाग ने ग्रामीणों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी व्यक्ति को स्मार्ट मीटर के नाम पर पैसे न दें। यदि कोई व्यक्ति वसूली करता है तो तुरंत इसकी शिकायत संबंधित विभाग या प्रशासन से करें। ग्रामीणों ने मांग की है कि अवैध वसूली करने वालों की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा जिनसे पैसे लिए गए हैं, उन्हें राशि वापस दिलाई जाए।