
जुगनू तंबोली
रतनपुर – शुक्रवार को देशव्यापी आह्वान के तहत प्रदेश के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रतनपुर द्वारा भी महात्मा गांधी के बलिदान दिवस 30 जनवरी के अवसर पर मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के नाम, बजट और नियमों में किए गए बदलावों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन केंद्र सरकार की नीतियों के कारण मजदूरों को समय पर काम और भुगतान नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि मनरेगा से जुड़े सभी जनविरोधी बदलावों को तत्काल वापस लिया जाए। इसके साथ ही प्रदर्शन में प्रदेश के किसानों की धान खरीदी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि धान खरीदी की निर्धारित तिथि समाप्त होने के बावजूद बड़ी संख्या में किसान अब भी अपनी उपज बेचने से वंचित हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। कांग्रेस ने धान खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि यह किसानों की मजबूरी है, न कि राजनीतिक मांग। कार्यक्रम के तहत रतनपुर में कांग्रेस द्वारा सांकेतिक चक्का जाम भी किया गया। यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, हालांकि कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।

मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी। जिसके बाद तहसीलदार के माध्यम ज्ञापन सौंपा गया। इस कार्यक्रम में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नेताओं ने कहा कि जब तक किसानों और मजदूरों की समस्याओं पर सरकार गंभीरता से विचार नहीं करेगी, तब तक कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी।