
रमेश राजपूत
बिलासपुर – जब स्थानीय व्यापार मजबूत होता है, तभी शहर, जिला और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलती है।” इसी मूल मंत्र के साथ आत्मनिर्भर भारत के संदेश को साकार करता बीएनआई बिलासपुर व्यापार एवं उद्योग मेला 2026 साइंस कॉलेज मैदान, सरकंडा में भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है। 25 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाता यह मेला केवल व्यापारिक लेन-देन तक सीमित नहीं, बल्कि उद्यमिता, नवाचार, रोजगार सृजन और सामाजिक चेतना का एक मजबूत मंच बनकर उभरा है। बीएनआई द्वारा आयोजित यह व्यापार एवं उद्योग मेला लगातार तीसरे वर्ष अपने व्यापक स्वरूप में सामने आया है।

मेला 29 जनवरी से 3 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक संचालित हो रहा है। निःशुल्क प्रवेश होने के कारण बड़ी संख्या में बिलासपुर शहर सहित आसपास के जिलों से भी नागरिक पहुंच रहे हैं। छोटे व्यापारियों, स्टार्टअप्स, एमएसएमई और बड़े उद्योगों को एक ही छत के नीचे जोड़ते हुए यह आयोजन स्थानीय व्यापार को नई पहचान और आत्मविश्वास प्रदान कर रहा है। मेले के दूसरे दिन आयोजित मुख्य कार्यक्रम में तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह,

कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष सतीश थौरानी, चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष भागचंद बजाज, पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक श्रीचंद सुंदरानी, छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी सहित निकेश बरडिया, चेतन तारवानी, रचरण सिंह साहनी, राजेश वासवानी, राधाकिशन सुंदरानी और जसप्रीत सिंह सलूजा विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर व्यापारियों से संवाद किया और मेले की व्यापकता की सराहना की। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर “गांधी मजबूरी नहीं, मजबूती का नाम है”

विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर आधारशिला ग्रुप के डायरेक्टर अजय श्रीवास्तव, डॉ. किरण पाल सिंह चावला सहित अन्य वक्ताओं ने गांधीजी के स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और नैतिक मूल्यों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में आधारशिला न्यू सैनिक स्कूल के विद्यार्थी भी शामिल हुए।
मेले के दूसरे दिन की शुरुआत सद्भावना मैराथन से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर सामाजिक एकता, भाईचारे और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। बीएनआई मेला अपनी व्यापकता के लिए भी विशेष पहचान रखता है।

यहां घरेलू उपयोग की वस्तुओं से लेकर भारी मशीनरी जैसे जेसीबी, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, शिक्षा, हेल्थकेयर, फाइनेंस और टेक्नोलॉजी से जुड़े स्टॉल लगाए गए हैं। साथ ही 100 से अधिक फूड स्टॉलों पर विविध व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मेले के दौरान छत्तीसगढ़ के 33 जिलों से चयनित 50 व्यापारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए “छत्तीसगढ़ व्यापार रत्न” सम्मान से सम्मानित किया गया।

तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि यह मेला केवल व्यापार का मंच नहीं, बल्कि स्थानीय प्रतिभा, उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है। वहीं कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि 25 वर्ष पूर्व शुरू हुआ यह मेला आज छत्तीसगढ़ के व्यापारिक विकास का आईना बन चुका है और भविष्य में भी नई ऊंचाइयों को छुएगा।