
भुवनेश्वर बंजारे
बिलासपुर – मंगलवार को सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सैदा के तालाब में एक ग्रामीण की संदिग्ध हालात में लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। वही मामले में परिजनों ने ग्रामीण की हत्या होने की आशंका जता रहे है। तो वही पूरे मामले में सकरी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह डायल 112 के माध्यम से सकरी पुलिस को सूचना मिली कि सैदा के ककरैया तालाब पैठु में एक व्यक्ति की लाश तैर रही है। जिसपर सकरी पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। जहां पानी में तैर रही लाश को बाहर निकाला गया। जहां मृतक की पहचान सैदा निवासी जीतेंद्र दुबे पिता अशोक दुबे उम्र 36 वर्ष के रूप में हुई।

जिसकी सूचना पाकर परिजन भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान परिजनों ने बताया कि जीतेंद्र सोमवार सुबह किसी अन्य व्यक्ति के फोन आने के बाद 11 बजे घर से निकल गया था। जिसके बाद वह घर नही लौटा। जिसकी तलाश परिजन कर रहे थे। परिजनो ने बताया की मृतक जीतेंद्र दुबे खेती किसानी के साथ जमीन खरीदी बिक्री का काम करता था। इसी काम के सिलसिले से पैसों के लेन देन की बात करते हुए वह सोमवार को भी किसी से फोन में बात कर रहा था। ऐसे में मंगलवार को उसकी संदिग्ध लाश मिली है। परिजनों का आरोप है कि जीतेंद्र दुबे की डेड बॉडी में काफी चोट के निशान है। जो की प्रथम दृष्टिया मारपीट की हो सकती है। वही जीतेंद्र दुबे का कपड़ा तालाब के पास उसकी बाइक में पड़ी मिली है। जिसमे से सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। इधर इस पुरे मामले में सकरी पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर डेड बॉडी को पोस्ट मार्टम के लिए सिम्स हॉस्पिटल भेज दिया है। साथ ही फॉरेंसिक जांच भी शुरू कर दी गई यही वही शॉट पीएम रिपोर्ट के बाद ही मामले की जांच को गति मिलने की बात कही जा रही है।
हत्या या आत्महत्या..? सुसाईड नोट की हकीकत जानने सकरी पुलिस जुटी जांच में…

सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सैदा में संदिग्ध परिस्थितियों में ग्रामीण की लाश मिलने की गुत्थी उलझ गई है। क्योंकि मृतक जीतेंद्र के कपड़ो से चार पन्नो का सुसाइड नोट मिला है। जिसमे उसने एक महिला सहित तीन लोगो का नाम लिखा है। वही परिजनों का एकतरफा आरोप है। कि मृतक की हत्या कर उसे सुसाइड के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उनके अनुसार यह पूरा मामला पैसों के लेनदेन का है। इन आरोप प्रत्यारोप के बाद सकरी पुलिस ने संदेहियो को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है हालांकि उक्त मामले में पुलिसिया जांच के बाद ही हत्या या फिर आत्महत्या पर बना संशय स्पष्ट हो सकेगा।