
रमेश राजपूत
बिलासपुर – प्रेम और बिछड़ने के दर्द ने एक नाबालिग की जिंदगी छीन ली। दिल्ली में प्रेमी की आत्महत्या की खबर मिलने के दूसरे ही दिन बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र में रहने वाली 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक घटना से परिचितों में शोक की लहर है और परिजन सदमे में हैं। मिली जानकारी के अनुसार, किशोरी मूल रूप से बैकुंठपुर जिले की रहने वाली थी और कुछ समय से तोरवा क्षेत्र में अपनी बुआ के घर रह रही थी। बताया गया है कि वह कुछ दिन पहले अपने प्रेमी के साथ दिल्ली चली गई थी। परिजनों ने काफी तलाश के बाद उसे दिल्ली से खोजकर वापस लाया। घर ले जाने के बजाय उसे तोरवा स्थित रिश्तेदार के यहां ठहराया गया था। इसी बीच रविवार को किशोरी के प्रेमी ने दिल्ली में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह खबर जब किशोरी तक पहुंची तो वह पूरी तरह टूट गई। परिजनों के अनुसार, खबर मिलने के बाद से वह गुमसुम रहने लगी थी और उसने मरने की बात भी कही थी। परिजनों ने उसे समझाया, पढ़ाई और परिवार पर ध्यान देने की सलाह दी और पूरी रात उस पर नजर रखी।
सोमवार सुबह किशोरी ने परिजनों के साथ नाश्ता भी किया, लेकिन उसका व्यवहार सामान्य नहीं था। करीब 11 बजे, जब घर के अन्य सदस्य अपने काम में व्यस्त थे, उसी दौरान उसने अपने कमरे में अपनी ही चुन्नी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद जब परिजन कमरे की ओर पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया। मामले में पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है। यह घटना एक बार फिर बताती है कि भावनात्मक आघात और मानसिक तनाव किस कदर घातक साबित हो सकते हैं।