
उदय सिंह
बिलासपुर – जिले के नगर पालिका बोदरी में कार्यरत एक सफाई कर्मचारी ने मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पीड़ित महेंद्र राठौर ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण थाना सरकंडा में विस्तृत शिकायत आवेदन सौंपा है। शिकायत के अनुसार 24 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 2:30 से 3 बजे के बीच महेंद्र राठौर अपने सहकर्मियों के साथ नगर पालिका के निर्देश पर चकरभाठा मार्केट क्षेत्र में मासिक यूजर चार्ज संग्रह करने पहुंचे थे। इसी दौरान आनंद क्लॉथ स्टोर के संचालक दिलीप मोटवानी और उनके पुत्र यशपाल मोटवानी ने भुगतान से इनकार करते हुए कथित रूप से सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया।

पीड़ित का आरोप है कि विवाद के दौरान यशपाल मोटवानी दुकान से बाहर आकर उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिससे उन्हें चोट आई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने बेल्ट निकालकर मारपीट की धमकी दी और अपमानजनक टिप्पणियां करते हुए उन्हें बाजार में बदनाम करने का प्रयास किया। सहकर्मियों के बीच-बचाव से स्थिति शांत हुई। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि घटना की जानकारी देने के बाद नगर पालिका कार्यालय में दोनों पक्षों को बुलाया गया, जहां कथित रूप से दबाव बनाकर मामला दबाने की कोशिश की गई। इसी दौरान नगर पालिका अध्यक्ष के पति विजय वर्मा पर भी जातिसूचक टिप्पणी करने और अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर पीड़ित पर समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है।

पीड़ित ने कहा कि आरोपियों के व्यवहार से उन्हें सामाजिक अपमान और मानसिक आघात पहुंचा है तथा यह कृत्य अनुसूचित जाति के व्यक्ति को लक्षित कर किया गया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट, भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और अन्य लागू प्रावधानों के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं पीड़ित ने घटना स्थल और नगर पालिका कार्यालय परिसर के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने की भी मांग की है, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।