
रमेश राजपूत
रायगढ़ – जिले के तमनार थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर आत्महत्या करने वाली महिला के मामले में रायगढ़ पुलिस ने संवेदनशील कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। मर्ग जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों में आरोपी द्वारा महिला को लगातार ब्लैकमेल करने की बात सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने उसे आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम सेमीजोर निवासी 26 वर्षीय महिला ने 6 फरवरी की दोपहर अपने घर के रसोई कमरे में गमछा बांधकर फांसी लगा ली थी। घटना के बाद परिजन उसे जीवित समझकर तत्काल फोर्टिस अस्पताल उर्जानगर तमनार लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर तमनार पुलिस ने मर्ग क्रमांक 09/2026 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा कार्रवाई की तथा शव का पोस्टमार्टम कराया। जांच के दौरान मृतका के परिजनों ने पुलिस को महिला द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट और मोबाइल फोन में सुरक्षित एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपी। सुसाइड नोट और ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला। जांच में सामने आया कि गांव का ही महेन्द्र गुप्ता नामक युवक महिला और एक अन्य युवक के बीच हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग अपने पास रखकर उसे ब्लैकमेल कर रहा था। आरोपी महिला पर गलत कार्य करने का दबाव बना रहा था और लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।
पुलिस के अनुसार इस मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर महिला ने अंततः आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लिया। जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव आहेर ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। उनके मार्गदर्शन में 9 मार्च को थाना तमनार में अपराध क्रमांक 51/2026 धारा 108 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आरोपी महेन्द्र गुप्ता (31 वर्ष) निवासी ग्राम सेमीजोर को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के कब्जे से विवो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में की गई। मामले की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी प्रशांत राव आहेर सहित प्रधान आरक्षक देव प्रसाद राठिया, अनूप कुजूर तथा आरक्षक पुरुषोत्तम सिदार, रंजीत भगत और पुष्पेन्द्र सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों को गंभीरता से लिया जाएगा और ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।