
रमेश राजपूत
जांजगीर-चांपा – जिले में दहेज प्रताड़ना का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां दहेज की मांग से परेशान होकर एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए पति समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में 11 फरवरी 2026 की रात एक नवविवाहिता ने अपने घर में साड़ी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई करते हुए मृतिका के परिजनों के बयान दर्ज किए। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मृतिका की शादी 16 अप्रैल 2025 को सामाजिक रीति-रिवाज से राहौद निवासी धर्मेंद्र निर्मलकर 30 वर्ष के साथ हुई थी। शादी के करीब दो माह बाद से ही पति धर्मेंद्र निर्मलकर, सास शिव कुमारी निर्मलकर 48 वर्ष, देवर मनोज निर्मलकर 27 वर्ष और मौसी सास तेरस बाई निर्मलकर 37 वर्ष द्वारा दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप है कि आरोपीगण दहेज नहीं लाने की बात कहकर मृतिका के साथ गाली-गलौज और मारपीट करते थे, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान रहती थी।
जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दहेज के लिए प्रताड़ना की पुष्टि होने पर पुलिस ने पति धर्मेंद्र निर्मलकर, सास शिव कुमारी निर्मलकर, देवर मनोज निर्मलकर तथा मौसी सास तेरस बाई निर्मलकर को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ धारा 80(2) एवं 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। बाद में सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पूरे मामले की कार्रवाई सीएसपी योगिताबाली खापर्डे के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव श्रीवास्तव और उनकी टीम ने की। इस घटना ने एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा के घातक परिणामों को उजागर कर दिया है।