
उदय सिंह
बिलासपुर – जिले के मस्तूरी विकास खंड अंतर्गत पचपेड़ी क्षेत्र स्थित बहतरा धान खरीदी केंद्र पंजीयन क्रमांक 1543 में समर्थन मूल्य पर हुई धान खरीदी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितता का मामला सामने आया है। सत्यापन के बाद रिकॉर्ड में 319 क्विंटल धान बढ़ने से पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, धान खरीदी प्रक्रिया 6 फरवरी को समाप्त हो गई थी। इसके बाद 8 फरवरी को किए गए आधिकारिक सत्यापन में कुल 40,135.60 क्विंटल धान दर्ज किया गया था।

लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि खरीदी बंद होने के लगभग एक माह बाद, 7 मार्च को यही आंकड़ा बढ़कर 40,454.80 क्विंटल हो गया। यानी सत्यापन के बाद रिकॉर्ड में 319 क्विंटल धान की अतिरिक्त एंट्री कर दी गई, जो सीधे तौर पर गड़बड़ी की ओर इशारा करती है।ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे मामले में खरीदी केंद्र के प्रबंधक, ऑपरेटर और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। उनका कहना है कि बिना अंदरूनी सांठगांठ के इतनी बड़ी मात्रा में रिकॉर्ड में बदलाव संभव नहीं है। साथ ही अब सत्यापन में फंस जाने के बाद यह भी आशंका जताई जा रही है कि रिकॉर्ड में दिखाने के लिए बाजार से धान खरीदकर केंद्र में अवैध रूप से रखा गया है।

इस कथित घोटाले से शासन को करीब 10 लाख रुपये तक का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। ग्रामीणों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है और उन्होंने निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की गंभीरता से जांच नहीं की गई, तो समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पूरी व्यवस्था पर सवाल उठ सकते हैं।

उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाने की अपील की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच के बाद किन लोगों पर कार्रवाई होती है।