
उदय सिंह
बिलासपुर – जिले के सीपत थाना क्षेत्र में धान खरीदी में हुए कथित भ्रष्टाचार और गबन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला सेवा सहकारी समिति सीपत के धान खरीदी केंद्र से जुड़ा है, जहां 420.39 क्विंटल धान, नए-पुराने बारदानों और खरीदी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता सामने आई है। पुलिस की इस कार्रवाई से धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बड़ा संदेश गया है। मामले की शुरुआत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सीपत के शाखा प्रबंधक सूर्यकांत जायसवाल की लिखित शिकायत से हुई। शिकायत में बताया गया कि सेवा सहकारी समिति पंजीयन क्रमांक 26, सीपत में धान खरीदी के दौरान भारी अनियमितता बरती गई। जांच में पाया गया कि 420.39 क्विंटल धान, 528 नए बारदाने और 5045 पुराने बारदानों के गबन का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान संस्था से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संस्था प्रबंधक अमीत वर्मा, कम्प्यूटर ऑपरेटर रमेश साहू और बारदाना प्रभारी जगन्नाथ कश्यप को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामग्री भी जब्त की है। आरोपी संस्था प्रबंधक अमीत वर्मा के पास से धान खरीदी से संबंधित रजिस्टर बरामद किया गया, जबकि आरोपी कम्प्यूटर ऑपरेटर रमेश साहू से ऑनलाइन धान खरीदी में उपयोग किया जाने वाला कंप्यूटर सेट जब्त किया गया। यह जब्ती जांच के लिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे खरीदी प्रक्रिया, स्टॉक और रिकॉर्ड में हुई हेराफेरी के और खुलासे होने की संभावना है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। धान खरीदी जैसे संवेदनशील और किसानों से जुड़े विषय में इस तरह का गबन सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।