
उदय सिंह
मस्तूरी – थाना मस्तूरी क्षेत्र में शुक्रवार रात एक भीषण आगजनी की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। जोंधरा चौक के पास स्थित यादव आरा मिल के पीछे बने रिहायशी मकानों की एक चाल में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस दर्दनाक हादसे में एक साथ जुड़े 9 मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग इतनी भयावह थी कि कुछ ही समय में मकानों में रखा सारा घरेलू सामान जल गया और केवल दीवारें ही शेष बचीं। मिली जानकारी के अनुसार, यादव आरा मिल के पीछे चोलाराम यादव की चाल में किरायेदार परिवार लंबे समय से निवास कर रहे थे। शुक्रवार रात करीब 8 बजे एक बंद मकान, जिसमें रहने वाला युवक कहीं बाहर गया हुआ था, अचानक आग की चपेट में आ गया। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या किसी ज्वलनशील सामग्री के कारण यह हादसा हुआ होगा। आग लगते ही आसपास के लोगों ने शोर मचाया, जिससे चाल में रहने वाले अन्य परिवार सतर्क हो गए और समय रहते अपने घरों से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली।
हालांकि, उन्हें अपने घरों में रखा कीमती सामान निकालने का मौका नहीं मिल पाया। देखते ही देखते आग ने पूरी चाल को अपनी चपेट में ले लिया और ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही मस्तूरी पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और सभी मकान जलकर पूरी तरह तबाह हो चुके थे। बताया जा रहा है कि मकानों की छतें कच्ची और लकड़ी की बनी होने के कारण आग ने तेजी से फैलकर सब कुछ राख में तब्दील कर दिया। इस भीषण आगजनी से आसपास के रहवासी भी सहम गए थे, क्योंकि आग के और फैलने की आशंका बनी हुई थी। हालांकि समय रहते दमकल विभाग की तत्परता से बड़ी दुर्घटना टल गई और अन्य मकानों को बचा लिया गया। फिलहाल इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, जो एक राहत की बात है। लेकिन प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रशासन द्वारा शनिवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का आंकलन किया जाएगा। यह घटना एक बार फिर से रिहायशी इलाकों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर करती है।