
भुवनेश्वर बंजारे
बिलासपुर– नगर निगम के ठेकेदारो की लापरवाही से एकबार फिर तारबाहर में जानलेवा संक्रमण फैलने लगा है। जहा डायरिया के बाद अब हैजा के चपेट में वार्डवासी आ गए है। मिली जानकारी के अनुसार अब तक 5 मरीजों में हैजा के लक्षण पाए गए है। बताया जा रहा है जिनमे से 2 मरीजों को निजी और 3 मरीजों को जिला अस्पताल में एडमिट कराया गया है। जहा उनका सघन उपचार जारी है। आपको बता दे पूर्व में भी तारबाहर क्षेत्र में डायरिया फैला था इसके चपेट में दर्जनों मरीज आए थे इस बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी कैंप लगाकर मरीजों को इलाज किया था। वही पानी कि जांच में दूषित पानी पीने के वजह से लोगो को डायरिया हुआ था।

इसके बाद उक्त मामले में नगर निगम द्वारा पाईप लाइन के सुधार के नाम खाना पूर्ति की गई थी। जिसके फल स्वरूप अब फिर से तारबाहर में हैजा जैसी बीमारी फैलने लगी है। इधर इसकी खबर मिलते ही स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने पाईप लाइन के सुधार की कवायद शुरू कर दी है। उनका कहना है कि अमृत मिशन योजना के तहत तारबाहर में लापरवाही पूर्वक पाई लाइन बिछाई गई है। जिस वजह से आए दिन नलों में नालियों का गंदा पानी मिलकर घरों में पहुंचता है। जिसके सेवन से लोग बीमार हो रहे है। वही इस गंभीर मामले में स्वास्थ्य विभाग का आमला भी मुकदर्शक बना हुआ है। जिससे संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ गई है।
सूचना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम नही पहुंची मौके पर..

गुरुवार को तारबाहर क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग को हैजा फैलने की सूचना दी। जिसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अमले ने इस और कोई सुध नहीं ली। यहां तक मौके पर कोई भी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी नहीं पहुंचे थे। पहले भी डायरिया फैलने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने देर से सुध ली थी। लिहाजा मरीजों की संख्या में एकाएक इज़ाफा हुआ था। अब जब जानलेवा साबित होने वाले हैजा के फैलने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से क्षेत्र के लोगो के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में देखना होगा स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियो की कुंभकर्णी नींद कब तक टूटती है.?