
उदय सिंह
बिलासपुर – मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम रलिया में आवारा मवेशियों को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यहां ग्राम लिमतरा के चार ग्रामीणों पर लाठी-डंडे और मुक्कों से प्राणघातक हमला कर दिया गया। हमले में गंभीर रूप से घायल जीवन मेहर की सिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ग्रामीण घायल हुए हैं। मामले में मस्तूरी पुलिस और ACCU की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त की रात ग्राम लिमतरा के ग्रामीण अपनी धान की फसल की रखवाली कर रहे थे।

फसल को नुकसान पहुंचा रहे करीब 15 से 20 आवारा मवेशियों को ग्रामीण भगाकर ग्राम रलिया के आगे भारतमाला सड़क के किनारे छोड़ने गए थे। रात करीब 8:30 बजे वापस लौटने के दौरान रलिया भारतमाला रोड स्थित पुल के पास कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। मवेशियों को अपनी ओर लाने का आरोप लगाते हुए आरोपियों ने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद लाठी-डंडों, हाथ और मुक्कों से ग्रामीणों पर हमला कर दिया। हमले में उमेश बरगाह, मुंडूल केंवट और जीवन मेहर सहित चार ग्रामीण घायल हुए। मुंडूल केंवट और जीवन मेहर को गंभीर चोटें आने पर तत्काल सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान जीवन मेहर की मौत हो गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और एसडीओपी मस्तूरी सुदीप सरकार के मार्गदर्शन में पुलिस और ACCU की टीम ने कार्रवाई करते हुए गजानंद पटेल, अजय चंद्राकर, अश्विनी पटेल, आलोक सिदार, कोमल चंद्राकर, लोमस चंद्राकर और घनश्याम चौहान उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लाठी-डंडे सहित अन्य सामान जब्त किया गया है। आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 296, 351(3), 115(2), 191(2), 103(2) और 112 के तहत कार्रवाई की गई है।